कांग्रेस सरकार ने गांवों तक पहुंचाई महंगाई, अब हर घर से कचरा शुल्क वसूलेगी : संदीपनी भारद्वाज
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संदीपनी भारद्वाज ने पंचायतों में घरेलू एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से कचरा संग्रहण के लिए यूजर चार्ज वसूलने के निर्णय पर कांग्रेस सरकार को घेरते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश की जनता पिछले ढाई से तीन वर्षों से लगातार आर्थिक बोझ झेल रही है। कांग्रेस सरकार ने चुनाव से पहले राहत देने के बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन सत्ता में आने के बाद महंगाई और नए शुल्कों की लंबी श्रृंखला शुरू कर दी।
यंगवार्ता न्यूज शिमला 12 जुलाई, 2026 :
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संदीपनी भारद्वाज ने पंचायतों में घरेलू एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से कचरा संग्रहण के लिए यूजर चार्ज वसूलने के निर्णय पर कांग्रेस सरकार को घेरते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश की जनता पिछले ढाई से तीन वर्षों से लगातार आर्थिक बोझ झेल रही है। कांग्रेस सरकार ने चुनाव से पहले राहत देने के बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन सत्ता में आने के बाद महंगाई और नए शुल्कों की लंबी श्रृंखला शुरू कर दी।
उन्होंने कहा कि अब ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक सामान्य परिवार से ₹50 प्रतिमाह, सामान्य दुकानों, ढाबों और छोटे प्रतिष्ठानों से ₹100 प्रतिमाह, बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से ₹500 प्रतिमाह तथा बैंकों, रेस्टोरेंट, मैरिज पैलेस, बड़े अस्पतालों जैसी संस्थाओं से ₹1,000 से ₹3,000 प्रतिमाह तक यूजर चार्ज वसूला जाएगा। कांग्रेस सरकार गांवों के गरीब, किसान, मजदूर और छोटे दुकानदार तक को नहीं छोड़ रही है।
संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आते ही प्रदेशवासियों पर आर्थिक बोझ बढ़ाने का अभियान चला रखा है। डीजल पर वैट बढ़ाया, बिजली उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त शुल्क और विभिन्न सरचार्ज लगाए, पानी की दरों में वृद्धि की, रजिस्ट्री एवं अन्य सरकारी सेवाओं के शुल्क बढ़ाए, और अब कचरा संग्रहण के नाम पर नया यूजर चार्ज लगा दिया गया है। यह सरकार विकास के बजाय केवल राजस्व जुटाने के लिए जनता की जेब पर डाका डाल रही है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने चुनाव के समय 5 लाख रोजगार, 1 लाख सरकारी नौकरियां, महिलाओं को ₹1,500 प्रतिमाह, 300 यूनिट मुफ्त बिजली और महंगाई से राहत देने के वादे किए थे, लेकिन आज तक इनमें से अधिकांश वादे पूरे नहीं हुए। दूसरी ओर प्रदेश की जनता पर लगातार नए आर्थिक बोझ लादे जा रहे हैं।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि हिमाचल प्रदेश का सार्वजनिक ऋण 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है और कांग्रेस सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन का खामियाजा अब आम जनता से नए-नए शुल्कों के रूप में वसूला जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार अपने आर्थिक कुप्रबंधन को छिपाने के लिए लोगों की जेब खाली करने पर उतर आई है।
संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि यदि स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करना सरकार का उद्देश्य है तो पंचायतों को पर्याप्त अनुदान दिया जाना चाहिए। पंचायतों को संसाधन उपलब्ध कराने के बजाय आम लोगों पर मासिक शुल्क थोपना सरकार की विफलता का प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार की पहचान अब केवल "महंगाई, टैक्स और नए शुल्क" तक सीमित रह गई है। प्रदेश की जनता हर दिन बढ़ते आर्थिक बोझ से परेशान है, जबकि कांग्रेस के नेता केवल बयानबाजी में व्यस्त हैं।
अंत में संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि कांग्रेस सरकार का पूरा कार्यकाल एक ही नारे में सिमट गया है—"महंगाई ही महंगाई, जनता पर बोझ... कांग्रेस के नेता मौज।" जनता इस जनविरोधी सरकार को समय आने पर लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देगी।
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