महिला आरक्षण बिल पर बोले जगत सिंह नेगी महिला सांसदों से डर कर संसद न आने वाले प्रधानमंत्री महिला हितैषी कैसे
लोकसभा में महिला आरक्षण बिल के गिरने के बाद से देशभर में सियासत गरमाई हुई है. मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए हिमाचल सरकार के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि जो प्रधानमंत्री महिला सांसदों से डर कर संसद में नहीं आते, वे खुद को महिला हितैषी कैसे कह सकते
यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला 18-04-2026
लोकसभा में महिला आरक्षण बिल के गिरने के बाद से देशभर में सियासत गरमाई हुई है. मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए हिमाचल सरकार के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि जो प्रधानमंत्री महिला सांसदों से डर कर संसद में नहीं आते, वे खुद को महिला हितैषी कैसे कह सकते हैं।
नेगी ने महिला आरक्षण बिल को लेकर केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि इस बीच के बिल के पीछे बड़ा षड्यंत्र था और भाजपा राजनीतिक लाभ की मंशा से बिल लेकर आई थी। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने पीएम मोदी पर टिप्पणी करते हुए कहा कि जो प्रधानमंत्री तीन महिला संसदों से डर कर संसद नहीं जाते वह महिला हितेषी कैसे हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि संसद में लोकसभा स्पीकर ने भी कहा था कि प्रधानमंत्री को महिला सांसदों से खतरा है. जगत नेगी ने महिला आरक्षण बिल को लेकर केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह विधेयक 2023 में संसद से पारित हो चुका है, लेकिन अभी तक इसे लागू नहीं किया गया है। अब सीटों और परिसीमन के नाम पर जनता को गुमराह किया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह महिला आरक्षण संशोधन विधेयक राजनीतिक लाभ के लिए लाया गया है और इसके पीछे भाजपा की बड़ी साजिश है। चेस्टर हिल्स मामले को लेकर भी नेगी ने बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि इस मामले में पहले ही कार्रवाई के आदेश दिए जा चुके हैं और डीसी व एसडीएम को जांच के लिए फ्री हैंड दिया गया है।
उन्होंने कहा कि मामला बड़ा है, इसलिए कुछ लोग इसका क्रेडिट लेने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन जांच पूरी पारदर्शिता से चल रही है और जांच अधिकारियों पर किसी तरह का दबाव नहीं है. नेगी ने स्पष्ट किया कि चेस्टर हिल में हुए बेनामी सौदों और धारा 118 के उल्लंघन की जांच की जा रही है और जो भी दोषी पाए जाएंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।
मंत्री जगत सिंह नेगी ने पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पर भी पलटवार किया है. फोन टैपिंग के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि जयराम ठाकुर को लोकायुक्त के समक्ष एफिडेविट देना चाहिए, तभी इस मामले में कार्रवाई संभव होगी। उन्होंने कहा कि लोकायुक्त की व्यवस्था संविधान में है और जनता के पैसे से चलने वाली इस संस्था का सही उपयोग होना चाहिए।
नेगी ने केंद्र सरकार पर सूचना के अधिकार को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस के समय बनी पारदर्शिता की व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में संस्थानों पर लोगों का भरोसा कम हो रहा है. वर्तमान मोदी सरकार में चुनाव आयोग तथा न्यायपालिका जैसे संस्थानों पर भी विश्वास प्रभावित हुआ है।
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