कंगना रणौत पर विक्रमादित्य सिंह का तंज, जिन्हें यह पता नहीं विधानसभा में कितनी महिला विधायक महिला सशक्तिकरण की कर रही बात 

महिला आरक्षण को लेकर सांसद कंगना रणौत का सांसद के अंदर अपने अभिभाषण में हिमाचल विधानसभा में एक महिला होने के बयान पर सोशल मीडिया पर जम कर ट्रोल हो रही

Apr 18, 2026 - 16:04
Apr 18, 2026 - 17:17
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कंगना रणौत पर विक्रमादित्य सिंह का तंज, जिन्हें यह पता नहीं विधानसभा में कितनी महिला विधायक महिला सशक्तिकरण की कर रही बात 
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यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला     18-04-2026

महिला आरक्षण को लेकर सांसद कंगना रणौत का सांसद के अंदर अपने अभिभाषण में हिमाचल विधानसभा में एक महिला होने के बयान पर सोशल मीडिया पर जम कर ट्रोल हो रही है वही इसको लेकर लोकनिर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने तंज कसा है और उनके इस बयान को हास्यास्पद करार दिया है। 

उन्होंने कहा कि हिमाचल की संसद को यह तक पता नहीं की हिमाचल विधानसभा में कितनी महिला विधायक हैं इस समय हिमाचल में तीन महिला विधायक है जिसमें एक भाजपा और दो कांग्रेस की विधायक हैं और जिस सांसद को यह नहीं पता कि विधानसभा में कितनी महिला विधायक है वह महिला सशक्तिकरण की बात कर रही है जो की हास्यप्रद है। 

उन्होंने कहा कि लोकसभा मैं केंद्र सरकार द्वारा तीन बिल ले गए थे जिसमें महिला आरक्षण का बिल भी शामिल था। महिला आरक्षण के पक्ष में और कांग्रेस है लेकिन जो भी 2023 में लाया गया है उसे बिल को ही पारित करने के पक्ष में कांग्रेस है और यदि उसे बिल को ही संसद में लाया जाता तो कांग्रेस इसका पूरा समर्थन करती लेकिन केंद्र सरकार राजनीतिक हित साधने के लिए उन्होंने अपने हिसाब से भी लाया। 

उसे पारित करने की कोशिश कर रही थी जिसे विपक्षी दलों ने खारिज किया और लोकसभा में यह बिल पारित नहीं हो पाया। केंद्र सरकार का इस बिल को ला कर  डेमोग्राफी को बदलने की कोशिश की जा रही थी ओर राजनीतिक इच्छाओं को पूरा करना था लेकिन उनके मंसूबों पर पानी फेंक दिया गया। 

भाजपा महिलाओ के पीछे छिपे कर महिलाओ के हितैषी होने का ढोंग रच कर महिलाओ के बीच जाने की कोशिश की जा रही है।  उन्होंने कहा कि देश के कई राज्यो में इस समय विधानसभा चुनाव हो रहे है और चुनावो के बीच लोकसभा का सत्र बुलाया गया और महिला आरक्षण का बिल पास करवाने का प्रयास किया गया ताकि विधानसभा चुनाव में इसका फायदा मिल सके। 

यदि भाजपा महिलाओं की इतनी हितेषी होती तो 2023 में जो महिला आरक्षण का बिल लाया था उसे क्यो नही पारित किया गया। भाजपा केवल राजनीतिक मकसद से इस बिल को लाया गया जोकि लोकसभा में पारित नही हो पाया है।

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