आयुष्मान , सहारा , शगुन और कन्यादान जैसी जनकल्याणकारी योजनाएं चलना संसाधन लुटाना नहीं , सरकार का फ़र्ज़ : जयराम ठाकुर

मंडी में सराज विधानसभा क्षेत्र के थाची में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में पहली बार ‘चले संस्थान खोजो और उन्हें बंद कर दो’ का लक्ष्य लेकर चलने वाली सरकार आई है। सुक्खू सरकार का एक ही काम है जो संस्थान बंद नहीं कर सकते हो उसका काम रोक दो। हर दिन पूरे आत्मविश्वास के साथ झूठ बोलो। सरकार की सभी गारण्टियां तो गोल हो गई हैं

Apr 3, 2025 - 20:32
Apr 3, 2025 - 20:39
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आयुष्मान , सहारा , शगुन और कन्यादान जैसी जनकल्याणकारी योजनाएं चलना संसाधन लुटाना नहीं , सरकार का फ़र्ज़ : जयराम ठाकुर
यंगवार्ता न्यूज़ - मंडी  03-04-2025
मंडी में सराज विधानसभा क्षेत्र के थाची में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में पहली बार ‘चले संस्थान खोजो और उन्हें बंद कर दो’ का लक्ष्य लेकर चलने वाली सरकार आई है। सुक्खू सरकार का एक ही काम है जो संस्थान बंद नहीं कर सकते हो उसका काम रोक दो। हर दिन पूरे आत्मविश्वास के साथ झूठ बोलो। सरकार की सभी गारण्टियां तो गोल हो गई हैं। अब सरकार ही गायब होने वाली है। एक जगह जाएंगे तो कहेंगे कि दूसरी जगह पर सारी गारण्टियां पूरी हो रही हैं। लेकिन एक भी गारंटी पूरे प्रदेश में कहाँ पूरी हुई हैं और किसे मिली हैं। यह बताने में असमर्थ है। जब पूरी ही नहीं हुई है तो सरकार क्या जवाब देगी? तब सरकार झूठ बोलने और फर्जी आरोप का लगाने के साथ इधर-उधर की बात करने लगती है। हम प्रदेश भर में जहां भी जाते हैं वहां पर सरकार की नाकामियों की कहानियां देखने को मिल जाती है। 
हर जगह पर सरकार के द्वारा बंद की गईं योजनाएं और उससे परेशान लोग मिल जाते हैं। अन्य संस्थानों को बंद करना अलग बात है लेकिन यह सरकार स्कूल और अस्पताल भी बंद करने में खुशी महसूस करती है। नौकरियां देने के नाम पर सत्ता में आई सरकार नौकरियां छिनने में गर्व महसूस कर रही है। मुख्यमंत्री कहते हैं कि हमने प्रदेश के संसाधनों की रेवड़ियां बांट दी। हमने 125 यूनिट बिजली, पानी नि:शुल्क दिया।  आयुष्मान, सहारा शगुन, उज्ज्वला, कन्यादान, बेटी है अनमोल, स्वावलंबन, जनमंच, सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी योजनाएं चलाई। लोगों को जीवन बचाना , इलाज के साधन उपलब्ध करवाना रेवड़ी बाँटना नहीं कहलाता है। यही तो जनकल्याणकारी सरकारों का काम है। लोगों का जीवन ही नहीं रहेगा तो बाकी चीजों का क्या अर्थ रह जाएगा? यह सरकार का फर्ज है। हमने जो किया प्रदेश के 70 लाख लोगों के हितों के ध्यान में रखकर किया। प्रदेश के लोगों के लिए योजनाएं बनाई, सिर्फ मित्रों के लिए सरकार नहीं चलाई। 
व्यवस्था परिवर्तन वाली सरकार की प्राथमिकता जनहित के बजाय समोसा और मुर्गा की जांच है। सुक्खू सरकार प्रदेश के विकास और जनहित के संस्थानों पर लगातार ताले लगा रही है। इस सरकार को सबक सिखाना होगा। जिसमें प्रदेश के लोगों का सहयोग चाहिए। इस मौके पर उनके साथ स्थानीय लोगो के साथ पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। अपने प्रवास के दौरान जयराम ठाकुर बालीचौकी के अन्य क्षेत्रों में भी गए और लोगों से मुलाकात की। इसी दौरान वह ग्राम गुराण भी गए और अंजना ठाकुर के दु:खद निधन पर परिजनों के साथ अपनी संवेदनाएं व्यक्त की। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि हमारी सरकार ने अनुबंध के कार्यकाल को घटाकर तीन साल से दो साल किया था लेकिन व्यवस्था परिवर्तन वाली समयबद्ध और चरणबद्ध सरकार ने अनुबंध काल को अघोषित रूप से बढ़ाकर तीन साल कर दिया है। 
यह सरकार अपने चहेतों को जमकर एक्सटेंशन दे रही है लेकिन कमीशन पास करके नौकरी कर रहे युवाओं को रेगुलर नहीं कर रही है। जब चहेतों को सुविधाएं प्रदान करने की बात आती है तो व्यवस्था परिवर्तन वाली सुख की सरकार ऐसे अधिकारियों को भी सेवा विस्तार दे देती है कि उच्च न्यायालय को भी उस सेवा विस्तार को खारिज करना पड़ता है। लेकिन जब कर्मचारियों की बात आती है तो उनके काम रोकने की तरकीबें खोज ली जाती है। हमारी सरकार में हर साल 2 साल का कॉन्ट्रैक्ट पीरियड पूरा करने वाले अनुबंध कर्मचारियों को 31 मार्च और 30 सितंबर को रेगुलर किया जाता था लेकिन सुख की सरकार ने 30 सितंबर को इन्हें रेगुलर करने का निर्णय पलटते हुए 31 मार्च  का दिन निर्धारित किया। इसके बाद भी अब तक कर्मचारी रेगुलर नहीं हुए। व्यवस्था परिवर्तन का दावा करने वाले  व्यवस्था का पतन कर चुके हैं।

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