1962 में बने पुल का स्थान पर बनेगा नया फोरलेन पुल ,  झलेड़ा-घालूवाल पुल पर व्यय होंगे 37   करोड़ रुपये : अग्निहोत्री

उपमुख्यमंत्री एवं हरोली के विधायक मुकेश अग्निहोत्री के सबल नेतृत्व में विकास के निर्णायक दौर में प्रवेश कर चुके हरोली विधानसभा क्षेत्र के लिए एक और बड़ी विकास परियोजना की सौगात मिली है। हरोली के झलेड़ा-घालूवाल पुल को लगभग 37 करोड़ रुपये की लागत से 4 लेन किया जाएगा। मुकेश अग्निहोत्री ने मंगलवार को ऊना में आयोजित पत्रकारवार्ता में बताया कि इस संबंध में प्रदेश सरकार के प्रस्ताव को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से मंजूरी मिल गई है

Apr 1, 2025 - 19:17
Apr 1, 2025 - 19:44
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1962 में बने पुल का स्थान पर बनेगा नया फोरलेन पुल ,  झलेड़ा-घालूवाल पुल पर व्यय होंगे 37   करोड़ रुपये : अग्निहोत्री
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यंगवार्ता न्यूज़ - ऊना  01-04-2025
उपमुख्यमंत्री एवं हरोली के विधायक मुकेश अग्निहोत्री के सबल नेतृत्व में विकास के निर्णायक दौर में प्रवेश कर चुके हरोली विधानसभा क्षेत्र के लिए एक और बड़ी विकास परियोजना की सौगात मिली है। हरोली के झलेड़ा-घालूवाल पुल को लगभग 37 करोड़ रुपये की लागत से 4 लेन किया जाएगा। मुकेश अग्निहोत्री ने मंगलवार को ऊना में आयोजित पत्रकारवार्ता में बताया कि इस संबंध में प्रदेश सरकार के प्रस्ताव को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से मंजूरी मिल गई है। अग्निहोत्री ने कहा कि इस परियोजना की स्वीकृति को लेकर केंद्रीय मंत्रालय और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ बीते एक वर्ष से विभिन्न स्तरों पर लगातार चर्चा चल रही थी। बीती 31 मार्च की शाम को इस नए फोर लेन पुल के लिए 36 करोड़ 93 लाख 48 हजार 947 रुपये की धनराशि की मंजूरी मिल गई है। 
उपमुख्यमंत्री ने इस स्वीकृति के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी तथा एनएचएआई के चेयरमैन का आभार व्यक्त किया। श्री अग्निहोत्री ने बताया कि 1962 में पंजाब (तब ऊना, पंजाब प्रांत का हिस्सा) के तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रताप चंद कैंरों ने स्वां नदी पर झलेड़ा-घालूवाल पुल बनवाया था। समय के साथ बढ़ते यातायात के कारण पुल के पायों पर अत्यधिक दबाव पड़ने लगा और छोटा पुल के कारण यहां ट्रैफिक कंजेशन की समस्या भी बन रही थी। वहीं, बरसात में नुकसान पहुँचने से इसे मरम्मत हेतु अस्थायी रूप से बंद भी रखना पड़ा। चूंकि यह पुल हरोली विधानसभा क्षेत्र का प्रवेश द्वार है, सो इसके स्थान पर नया 4 लेन पुल बनाने का प्रस्ताव तैयार करके इसे मंजूरी दिलाने का काम किया गया। इस परियोजना से क्षेत्रवासियों को सुगम यातायात की सुविधा मिलेगी। 
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हरोली विधानसभा क्षेत्र में पुलों और सड़कों के निर्माण से सभी क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। इसी साल 52 करोड़ रुपये की लागत से पंडोगा-त्यूड़ी पुल भी बनकर तैयार हो जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों को पर्याप्त सहूलियत मिलेगी। इससे पहले, हरोली-रामपुर पुल का निर्माण किया जा चुका है, जो न केवल सुविधाजनक है, बल्कि एक आकर्षण का केंद्र भी बन चुका है। इसके अलावा क्षेत्र में अनेक छोटे पुलों के निर्माण और सड़कों के विस्तार के काम किए जा रहे हैं। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हरोली विधानसभा क्षेत्र निर्णायक विकास के दौर में है। हरोली की जनता के आशीर्वाद से ही उन्होंने राजनीति में हर मुकाम हासिल किया है और इस क्षेत्र का विकास उनकी नैतिक जिम्मेदारी है। ऐसे में हरोली के विकास से किसी को भी एतराज नहीं होना चाहिए। 
उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को हरोली के विकास से पीड़ा हो रही है, वे झेंप मिटाने को यहां वहां बयानबाजी कर रहे हैं। लेकिन किसी के चिल्लाने से तथ्य नहीं बदलते। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि जिन्हें विकास से समस्या हो रही है, वे समझ लें कि यह पीड़ा आगे और बढ़ेगी, क्योंकि क्षेत्र के लिए एक के बाद एक बड़ी परियोजनाएं लाई जाएंगी। ऐसे में बेहतर होगा कि वे समय से डॉक्टरी सलाह ले लें। श्री अग्निहोत्री ने बताया कि केंद्र से धन लाने के लिए मजबूत इच्छाशक्ति, ठोस व्यक्तिगत संबंध और विकास के प्रति समर्पण आवश्यक है। हम संघीय ढांचे के अंतर्गत रहते हैं और राज्य का अधिकार है कि उसे उसका उचित हिस्सा मिले। हरोली के लिए लगातार नई परियोजनाएं मंजूर करवाई जा रही हैं। हाल ही में केंद्र सरकार से 75 करोड़ रुपये की बीत क्षेत्र सिंचाई परियोजना-2 को भी स्वीकृति मिल गई है। विकास की यह गति आगे और तेज़ होगी।

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