बेसहारा बच्चों का भविष्य संवारने में मील पत्थर साबित हो रही मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना

मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना कार्तिक की जिंदगी में आशा की नई किरण बनकर आई है। सरकार ही माता सरकार ही पिता की भावना को साकार करते हुए प्रदेश सरकार की ओर से "चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट" कार्तिक को दो बिस्वा भूमि प्रदान की गई है। बल्ह तहसील के घट्टा (कुम्मी) गांव के रहने वाले कार्तिक ने बचपन में ही अपने माता-पिता को खो दिया

Dec 14, 2024 - 21:02
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बेसहारा बच्चों का भविष्य संवारने में मील पत्थर साबित हो रही मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना
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यंगवार्ता न्यूज़ - मंडी 14-12-2024
मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना कार्तिक की जिंदगी में आशा की नई किरण बनकर आई है। सरकार ही माता सरकार ही पिता की भावना को साकार करते हुए प्रदेश सरकार की ओर से "चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट" कार्तिक को दो बिस्वा भूमि प्रदान की गई है। बल्ह तहसील के घट्टा (कुम्मी) गांव के रहने वाले कार्तिक ने बचपन में ही अपने माता-पिता को खो दिया। पेशे से निजी बस चालक पिता ज्ञानचंद का साया चार साल की उम्र में ही उनके सिर से उठ गया। उसके बाद मां ने निजी क्षेत्र में नौकरी कर कार्तिक व दो बहनों का लालन-पालन शुरू किया। मगर, नियति को शायद कुछ और ही मंजूर था। 11 वर्ष की आयु में कार्तिक ने अपनी मां को भी खो दिया। इसके बाद नाना दुर्गादास सैनी व नानी रूपा देवी के यहां राजगढ़ में वे पले-बढ़े। मंडी कॉलेज से नॉन-मेडिकल में ग्रेजुएशन की। 
वर्ष 2019 से आईजीएमसी, शिमला के डॉ. विकास शर्मा का बहुमूल्य योगदान व साथ भी उनके लिए सहायक रहा। कार्तिक बताते हैं कि गत वर्ष मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के बारे में उन्हें पता चला। अक्टूबर, 2023 में कार्तिक को योजना के तहत पात्रता प्रमाण पत्र प्राप्त हुआ और उसी वर्ष दिसंबर माह से मासिक जेब खर्च के लिए चार हजार रुपए भत्ता भी मिलने लगा। इसके बाद उन्होंने योजना के अंतर्गत गृह निर्माण के लिए भूमि आवंटन बारे आवेदन किया। हाल ही में सरकार की ओर से उन्हें सुंदरनगर मुहाल में दो बिस्वा भूमि गृह निर्माण के लिए स्वीकृत हुई है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने गत दिनों पंडोह दौरे के दौरान इस बारे में उन्हें प्रमाण पत्र प्रदान किया। इसके लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कार्तिक ने कहा कि अनाथ व बेसहारा बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए यह योजना मील पत्थर साबित हो रही है। 
इससे उनके जैसे हजारों बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का अवसर तो मिला ही है, साथ ही एक सुरक्षित भविष्य की उम्मीद भी बलवती हुई है। मंडी जिला में मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के तहत 393 अनाथ व बेसहारा बच्चों तथा 27 वर्ष आयु तक के पात्र वयस्कों को सामाजिक सुरक्षा के दृष्टिगत 30 नवंबर, 2024 तक 1,27,48,000 रुपए की राशि प्रदान की जा चुकी है। आठ बाल देखभाल आश्रमों में रहने वाले 390 आवासियों को भी 41,04,700 रुपए की राशि सामाजिक सुरक्षा के रूप में प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त 23 पात्र बच्चों को 13,07,587 रुपए की राशि विभिन्न योजनाओं के माध्यम से प्रदान की गई है। इनमें 14 बच्चों को उच्चतर शिक्षा, 6 को व्यावसायिक प्रशिक्षण, तीन वयस्कों को स्वरोजगार के लिए यह सहायता राशि प्रदान की गई है। 
उत्सव भत्ते के तहत दीपावली तक बाल देखभाल आश्रमों के आवासियों को 10,28,500 रुपये तथा बाल आश्रमों को 3,50,000 रुपए की राशि प्रदान की गई है। उपायुक्त अपूर्व देवगन ने कहा कि मंडी जिला में मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के तहत पात्र बच्चों व वयस्कों को लाभान्वित किया जा रहा है। पात्र लाभार्थियों को गृह निर्माण के लिए भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। प्रदेश सरकार के इस फ्लैगशिप कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन के लिए संबंधित विभागों व प्रशासनिक अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

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