प्रदेश महामंत्री सुशील कड़शोली के नेतृत्व में राज्यपाल कवीन्द्र गुप्ता से शिष्टाचार भेंट
हिमाचल प्रदेश में बेलगाम हो चुकी प्रशासनिक अव्यवस्था, देवभूमि की रगों में घोले जा रहे चिट्टे के जानलेवा जहर और राज्य के लाखों शिक्षित व होनहार युवाओं के भविष्य पर थोपे गए बेरोजगारी के क्रूर दंश के खिलाफ भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) ने आज सूबे की सुक्खू सरकार के खिलाफ निर्णायक और आर-पार की जंग का बिगुल फूंक दिया है।
यंगवार्ता न्यूज शिमला 13 जुलाई, 2026 :
हिमाचल प्रदेश में बेलगाम हो चुकी प्रशासनिक अव्यवस्था, देवभूमि की रगों में घोले जा रहे चिट्टे के जानलेवा जहर और राज्य के लाखों शिक्षित व होनहार युवाओं के भविष्य पर थोपे गए बेरोजगारी के क्रूर दंश के खिलाफ भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) ने आज सूबे की सुक्खू सरकार के खिलाफ निर्णायक और आर-पार की जंग का बिगुल फूंक दिया है। आज राजधानी शिमला के लोक भवन में भाजयुमो के एक अत्यंत आक्रामक, ऊर्जावान और उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने महामहिम राज्यपाल श्री कवीन्द्र गुप्ता जी से विशेष मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने राज्य की बदहाल कानून-व्यवस्था तथा प्रशासनिक पंगुता को लेकर व्यापक चर्चा की।
राजभवन के भीतर और बाहर हुए इस बड़े राजनैतिक और नीतिगत घटनाक्रम का मुख्य नेतृत्व भाजयुमो के प्रदेश महामंत्री श्री सुशील कड़शोली जी ने किया, जिन्होंने महामहिम के समक्ष तथ्यों और आंकड़ों के साथ सरकार की नाकामियों की धज्जियां उड़ा कर रख दीं।
देवभूमि में नशे का तांडव और सरकारी लाचारी: सुशील कड़शोली
महामहिम राज्यपाल श्री कवीन्द्र गुप्ता जी के समक्ष हिमाचल प्रदेश की वर्तमान दुर्दशा का पूरा खाका खींचते हुए मुख्य नेतृत्वकर्ता व भाजयुमो प्रदेश महामंत्री श्री सुशील कड़शोली जी ने अत्यंत कड़े शब्दों में वर्तमान कांग्रेस सरकार पर सीधा प्रहार किया। उन्होंने राज्य की सुक्खू सरकार को हर मोर्चे पर मृतप्राय और दिशाहीन बताते हुए कहा: "आज हिमाचल प्रदेश अपने इतिहास के सबसे संवेदनशील, भयावह और खतरनाक दौर से गुजर रहा है। पूरे प्रदेश के भीतर कानून-व्यवस्था का पूरी तरह से जनाजा निकल चुका है और प्रशासनिक नियंत्रण शून्य हो गया है। सबसे डरावनी और रूह कमपा देने वाली स्थिति यह है कि 'चिट्टा', अफीम, चरस और घातक सिंथेटिक ड्रग्स का खूनी कारोबार अब केवल बड़े शहरों की चंद बदनाम गलियों या औद्योगिक सीमाओं तक सीमित नहीं रह गया है। यह जानलेवा जहर अब शहरों की तंग सीमाओं को लांघकर हिमाचल के अत्यंत दूर-दराज, दुर्गम, शांत और जनजातीय ग्रामीण इलाकों की रग-रग में उतर चुका है। हमारी सीधी-सादी ग्रामीण युवा शक्ति, स्कूल और कॉलेज जाने वाले मासूम छात्र इस गर्त में धकेले जा रहे हैं, जो बेहद चिंताजनक है।"
श्री सुशील कड़शोली ने सरकार की नीयत पर गंभीर सवाल उठाते हुए आगे कहा:
"वर्तमान कांग्रेस सरकार इस अंतरराष्ट्रीय और अंतर्राज्यीय ड्रग सिंडिकेट और मौत के सौदागरों के सामने पूरी तरह घुटने टेक चुकी है। ऐसा प्रतीत होता है कि इस बड़े माफिया तंत्र को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है, जिसके कारण पुलिस और खुफिया तंत्र पूरी तरह पंगु और मूकदर्शक बना बैठा है। सरकार की इसी लाचारी और नाकामी की वजह से आज देवभूमि की पूरी एक नस्ल और हमारी आने वाली पीढ़ियां बर्बादी की कगार पर खड़ी हैं। अगर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो देवभूमि की यह अपूरणीय क्षति होगी।"
युवाओं से विश्वासघात और नौकरियों का 'काला आपातकाल'
बेरोजगारी और युवाओं की बदहाली के अत्यंत संवेदनशील मुद्दे पर सुक्खू सरकार की तथाकथित 'गारंटियों' को आड़े हाथों लेते हुए प्रदेश महामंत्री श्री सुशील कड़शोली जी ने तीखे बाण चलाए। उन्होंने महामहिम राज्यपाल जी को अवगत कराया कि सत्ता हथियाने के लिए चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस ने हिमाचल के पांच लाख युवाओं को सरकारी नौकरियां देने का जो लोकलुभावन और कूटनीतिक जाल बुना था, वह आज सत्ता में आने के बाद पूरी तरह से सफेद झूठ और धोखा साबित हुआ है।
उन्होंने सरकार को घेरते हुए कहा कि: "आज हिमाचल प्रदेश के भीतर शिक्षित युवाओं के लिए 'नौकरियों का अघोषित आपातकाल' (Employment Emergency) फैल चुका है। पूर्व में आयोजित हो चुकी परीक्षाओं के परिणामों को बंधक बनाकर रख दिया गया है, नई भर्तियों की प्रक्रिया पर पूरी तरह ताले लटके हुए हैं और जो चयन आयोग सुचारू रूप से भर्तियां करवाता था, उसे भंग कर युवाओं के भविष्य को अधर में लटका दिया गया है। हक और रोजगार मांगने वाले हिमाचल के स्वाभिमानी और होनहार युवाओं को इस सरकार के कार्यकाल में केवल मानसिक प्रताड़ना, छलावा, अवसाद और सड़कों पर पुलिस की लाठियां मिली हैं। प्रदेश का पढ़ा-लिखा युवा आज अपनी डिग्रियां हाथों में लेकर सड़कों पर ठोकरें खाने और आंदोलन करने को विवश है।"
कड़शोली ने महामहिम से सीधे तौर पर आग्रह किया कि इस गूंगी-बहरी और तानाशाह सरकार पर तुरंत संवैधानिक हंटर चलाया जाए और राज्य की कानून-व्यवस्था व युवाओं के रोजगार से जुड़े विषयों पर सरकार से श्वेत पत्र मांगकर कड़े व निर्णायक निर्देश जारी किए जाएं।
सरकार के ताबूत में आखिरी कील ठोकेंगे: जिला अध्यक्ष सुमित ठाकुर
इस महत्वपूर्ण और गरिमामयी अवसर पर प्रतिनिधिमंडल में उपस्थित शिमला जिला भाजयुमो अध्यक्ष श्री सुमित ठाकुर जी ने भी सरकार को कड़े लहजे में ललकारते हुए अपना संक्षिप्त मगर बेहद आक्रामक बयान दर्ज कराया। सुमित ठाकुर ने दो टूक शब्दों में मीडिया और प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा: "शिमला जिला सहित पूरे हिमाचल प्रदेश का युवा आज इस गूंगी-बहरी सरकार की दमनकारी और युवा-विरोधी नीतियों के कारण आक्रोश की आग में उबल रहा है। रोजगार की गारंटी देने वाली सरकार ने युवाओं को केवल सड़कों पर बैठने का रास्ता दिखाया है। यदि सुक्खू सरकार ने तुरंत प्रभाव से नशे के सौदागरों और ड्रग्स के इस काले साम्राज्य का समूल नाश नहीं किया और युवाओं के रुके हुए परीक्षा परिणाम जारी कर नई सरकारी नौकरियों के द्वार नहीं खोले, तो जिला युवा मोर्चा शिमला की वादियों से लेकर पूरे प्रदेश की सड़कों पर ऐसा उग्र, ऐतिहासिक और निर्णायक आंदोलन खड़ा करेगा जो इस जनविरोधी सरकार के ताबूत में आखिरी कील साबित होगा।"
रणबांकुरों की भारी उपस्थिति
इस राजनैतिक और निर्णायक जंग की शुरुआत करने पहुंचे मुख्य नेतृत्वकर्ता व प्रदेश महामंत्री श्री सुशील कड़शोली जी के साथ राजभवन में शिमला जिला भाजयुमो अध्यक्ष श्री सुमित ठाकुर जी, प्रदेश सचिव श्री विनिल पाल जी, जिला महामंत्री श्री अक्षय गौतम जी, श्री धनंजय पुरी जी सहित जिला कार्यसमिति की पूरी टीम, प्रमुख पदाधिकारी और सैकड़ों ऊर्जावान कार्यकर्ता विशेष रूप से उपस्थित रहे, जिन्होंने एक सुर में सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की और राजभवन परिसर को युवाओं की हुंकार से गुंजायमान कर दिया।
महामहिम राज्यपाल जी ने दिए कड़े रुख के संकेत
भाजयुमो प्रतिनिधिमंडल के इस उग्र, तथ्यपरक और जोरदार तेवर को देखते हुए महामहिम राज्यपाल श्री कवीन्द्र गुप्ता जी ने भी पूरे मामले को अत्यंत संवेदनशीलता, गंभीरता और गहराई से लिया। राज्य में पैर पसारते नशे के काले साम्राज्य और युवाओं की बेरोजगारी पर गहरी चिंता और व्याकुलता व्यक्त करते हुए महामहिम ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि वे देवभूमि की पवित्र साख, संस्कृति और युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी सूरत में खिलवाड़ नहीं होने देंगे।
उन्होंने भाजयुमो नेताओं को पूर्ण भरोसा दिया कि वे इस पूरे विषय पर तुरंत संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार से जवाब तलब करेंगे और कानून-व्यवस्था व रोजगार के संकट पर कड़े संवैधानिक कदम उठाते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करेंगे।
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