यंगवार्ता न्यूज़ - पांवटा साहिब 12-04-2026
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिला की सीमा में स्थित पांवटा साहिब क्षेत्र में एक बार फिर जंगली हाथी की दस्तक से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया है। बीती रात हाथी गांव के आसपास देखा गया, जिसके बाद लोग अपने घरों में दुबकने को मजबूर हो गए। स्थानीय लोगों के अनुसार हाथी देर रात खेतों की ओर पहुंचा और कुछ जगहों पर फसलों को नुकसान भी पहुंचाया। ग्रामीणों ने शोर मचाकर और लाइटें जलाकर किसी तरह हाथी को गांव से दूर भगाने की कोशिश की। हालांकि हाथी के बार-बार इस क्षेत्र में आने से लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यह इलाका जंगल से सटा हुआ है , जिससे जंगली जानवरों का आना आम हो गया है, लेकिन हाथी जैसी बड़ी और खतरनाक गतिविधि देखने को मिल रही है।
बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर परिवार खासे चिंतित हैं। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने ग्रामीणों को सतर्क रहने और रात के समय अकेले बाहर न निकलने की सलाह दी है। साथ ही हाथी की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए गश्त बढ़ा दी गई है। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि हाथी को उकसाने या उसके पास जाने की कोशिश न करें। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत विभाग को सूचना दें। गौर हो कि सिरमौर जिला के जंगलों में उत्तराखंड से आने वाले जंगली हाथियों का आवागमन सुगम हुआ है। एक बार फिर हिमाचल - उत्तराखंड की सीमा पर जंगली हाथियों को देखा गया है जिसे स्थानीय लोगों ने जहां अपने कैमरों में भी कैद किया तो वही वन विभाग ने भी सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचकर हाथियों को जंगलों की ओर भगाया है। यहां पहुंच रहे जंगली हाथियों को यहां खाने के लिए पर्याप्त मात्रा में आहार मिल रहा है , तो वहीं उन्हें पीने के लिए पानी भी आसानी से उपलब्ध होता है ऐसे में उत्तराखंड से अक्सर हाथियों का जिला सिरमौर के पांवटा साहिब के जंगलों में आवागमन रहता है।
इन दिनों यहां पहुंचे जंगली हाथी किसानों की नगदी फसल गेहूं को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। मीडिया से बात करते हुए वन उपमंडलाधिकारी वेद प्रकाश शर्मा ने बताया कि इन दिनों उत्तमपुर , बातामंडी और बहराल क्षेत्रों में जंगली हाथियों का आगमन हुआ है और यह क्षेत्र अति संवेदनशील है। जंगली हाथी उत्तराखंड से यहां पहुंचे हैं जो कई क्षेत्रों में गेहूं की फसल को भी नुकसान पहुंचा रहे है । उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की अपेक्षा सिरमौर जिला के जंगलों में हाथियों का आगमन सुगम हुआ है। यहां इन्हें पर्याप्त मात्रा में खाने के साथ पानी उपलब्ध है। ऐसे में पांवटा साहिब के जंगलों में हाथियों का आगमन अधिक है। उन्होंने कहा कि लोगों को जंगली हाथियों के आगमन को देखते हुए सतर्कता बरतनी चाहिए और अनावश्यक रूप से अकेले जंगलों में नहीं जाना चाहिए। जंगली हाथी कई बार लोगों पर भी हमला कर देते हैं। उन्होंने बताया कि वन विभाग के कर्मचारी थी जंगली हाथियों पर नजर बनाए हैं और इन्हें रिहायशी इलाकों से दूर भाग रहे हैं।