सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर कमेटी करेगी फैसला
अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ हिमाचल प्रदेश ने मांग की है कि 16 जून से शुरू होने वाली जनगणना से पहले सीबीएससी स्कूलों के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया पूरी की जाए।
यंगवार्ता न्यूज शिमला 10 जून, 2026 :
अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ हिमाचल प्रदेश ने मांग की है कि 16 जून से शुरू होने वाली जनगणना से पहले सीबीएससी स्कूलों के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया पूरी की जाए।
महासंघ ने लंबित पदोन्नति सूचियां 15 जून तक जारी करने पर जोर दिया है, ताकि 749 टीजीटी शिक्षकों को प्रवक्ता एवं मुख्याध्यापक के पदों पर पदोन्नति मिल सके और जेबीटी तथा सी एंड वी संवर्ग के शिक्षकों की पदोन्नति भी जल्दी से जल्दी जारी की जाए। विभाग के पास 600 पात्र टीजीटी शिक्षकों को पदोन्नति देने का मामला काफी समय से लंबित है।
अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ हिमाचल प्रदेश के प्रदेश उपाध्यक्ष विजय कंवर,प्रदेश सचिव माम राज चौधरी,प्रदेश शिक्षक सम्मान आयाम प्रमुख ऋषिपाल शर्मा,जिला सिरमौर के अध्यक्ष कपिल ठाकुर,महामंत्री दीपक त्रिपाठी,संगठन मंत्री राधेश्याम एवं कार्यालय सचिव ओंकार शर्मा आदि पदाधिकारियों ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए बताया कि सीबीएसई से संबद्ध विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति पर प्रशासनिक पेच फंसा दिया गया है।
राज्य सरकार ने 158 सरकारी सीबीएससी स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी गठित की है। पूर्व में 5,623 शिक्षकों को इन स्कूलों में नियुक्त करने की योजना थी, लेकिन मंत्रियों के विरोध और प्रशासनिक दिक्कतों के कारण अब यह मामला कमेटी को सौंप दिया गया है। यह कमेटी तय करेगी कि सीबीएससी पाठ्यक्रम वाले सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति किस आधार पर और किन नियमों के तहत की जाएगी। उन्होंने बताया कि सरकारी सीबीएससी स्कूलों के प्रति अभिभावकों का रुझान लगातार बढ़ रहा है। सत्र 2026-27 में इन स्कूलों में कुल 82,717 विद्यार्थी नामांकित हैं।हालांकि, कुछ विद्यार्थी निजी स्कूलों या हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड से संबद्ध स्कूलों की ओर भी स्थानांतरित हुए हैं।
महासंघ ने सरकार व शिक्षा विभाग से मांग की है कि नियुक्तियां सेवारत शिक्षकों में से ही पूर्णतया मेरिट आधार पर पारदर्शिता के साथ की जानी चाहिए।इसके लिए पहले काउंसलिंग प्रक्रिया पूरी कर शिक्षकों को स्कूल अलॉट कर दिए जाएं और तदोपरांत उन्हीं विद्यालयों के शिक्षकों को दूसरे विद्यालयों में स्थानांतरित किया जाए जिनके लिए किसी न किसी शिक्षक ने ऑप्शन दी हो।इससे कोई भी विद्यालय स्टाफ के बगैर नहीं रहेगा और सीबीएसई तथा हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के विद्यालयों में पढ़ाई भी सुचारू रूप से जारी रह पाएगी। इसके अलावा महासंघ ने हिमाचल प्रदेश के कर्मचारियों का देय वेतनमान एरियर, शेष डी ए,डी ए एरियर तथा मेडिकल बिलों का भुगतान शीघ्र अति शीघ्र करने का आग्रह किया है। जनगणना कार्य भी किसी गैर सरकारी संस्था या आउटसोर्स पर करवाने का आग्रह किया गया है ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई पर किसी प्रकार का असर न पड़े।
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