सुक्खू सरकार का तुगलकी फरमान दूध उत्पादक किसानों की कमर तोड़ने वाला, भाजपा चुप नहीं बैठेगी : लोकेन्द्र कुमार

आनी विधायक लोकेन्द्र कुमार ने प्रदेश सरकार द्वारा मंगलवार को बीएमसी केंद्रों से दूध खरीद बंद करने के निर्णय को किसान विरोधी, महिला विरोधी और तुगलकी फरमान बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है।

Jun 9, 2026 - 14:12
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सुक्खू सरकार का तुगलकी फरमान दूध उत्पादक किसानों की कमर तोड़ने वाला, भाजपा चुप नहीं बैठेगी : लोकेन्द्र कुमार

यंगवार्ता न्यूज शिमला 9 जून, 2026 :

आनी विधायक लोकेन्द्र कुमार ने प्रदेश सरकार द्वारा मंगलवार को बीएमसी केंद्रों से दूध खरीद बंद करने के निर्णय को किसान विरोधी, महिला विरोधी और तुगलकी फरमान बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि एक ओर मुख्यमंत्री और कांग्रेस सरकार बड़े-बड़े दावे करती है कि किसानों और महिला स्वयं सहायता समूहों की आय बढ़ाई जा रही है, जबकि दूसरी ओर जमीनी हकीकत यह है कि दूध उत्पादक किसानों को दो-दो महीने तक भुगतान नहीं मिल रहा है और अब सरकार दूध खरीद ही बंद करने की तैयारी में जुट गई है।

लोकेन्द्र कुमार ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण परिवारों की आय में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले दूध उत्पादक किसानों के साथ इस प्रकार का अन्याय किया जा रहा है। सरकार अपनी प्रशासनिक विफलताओं और कुप्रबंधन को छिपाने के लिए किसानों पर बोझ डाल रही है। यदि दूध उत्पादन लगातार बढ़ रहा है तो यह किसानों की मेहनत का परिणाम है, लेकिन सरकार ने इस बढ़ते उत्पादन को संभालने के लिए कोई ठोस योजना नहीं बनाई।

उन्होंने कहा कि दत्तनगर दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र की क्षमता पूर्व भाजपा सरकार के समय 25 हजार लीटर से बढ़ाकर 50 हजार लीटर की गई थी। इसके बावजूद वर्तमान सरकार ने संयंत्र के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया। विधानसभा में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में स्वयं सरकार ने स्वीकार किया था कि क्षेत्र में प्रतिदिन लगभग एक लाख लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है। जब सरकार को यह जानकारी थी तो आखिर अतिरिक्त दूध के प्रबंधन और प्रसंस्करण की व्यवस्था क्यों नहीं की गई?

लोकेन्द्र कुमार ने कहा कि अब अपनी नाकामी छिपाने के लिए सरकार किसानों को ही परेशान कर रही है। मंगलवार को दूध खरीद बंद करने का फैसला हजारों किसानों की मेहनत पर सीधा प्रहार है। जो दूध प्रतिदिन एकत्रित होता है, उसका नुकसान कौन भरेगा? जिन परिवारों की रोजमर्रा की आय दूध बिक्री पर निर्भर है, उनकी आर्थिक क्षति की जिम्मेदारी कौन लेगा? मुख्यमंत्री और सरकार को प्रदेश के किसानों के इन सवालों का जवाब देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार लगातार ऐसे फैसले ले रही है जो गरीब, किसान, महिला और युवा विरोधी हैं। कभी संस्थान बंद किए जाते हैं, कभी विकास कार्य रोके जाते हैं और अब किसानों की आजीविका पर हमला किया जा रहा है। यह सरकार जनहित के बजाय केवल घोषणाओं और प्रचार में व्यस्त है।

आनी विधायक ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, मिल्कफेड के अध्यक्ष और संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगते हुए कहा कि यदि दूध उत्पादन लगातार बढ़ रहा है तो दत्तनगर मिल्क प्लांट की क्षमता बढ़ाने के लिए आज तक क्या कदम उठाए गए? आखिर किसानों को सुविधाएं देने के बजाय उन्हें परेशान करने की नीति क्यों अपनाई जा रही है?

लोकेन्द्र कुमार ने प्रदेश के सभी दूध उत्पादक किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी उनके साथ मजबूती से खड़ी है। किसानों के अधिकारों और उनके हितों की रक्षा के लिए भाजपा सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी। उन्होंने सभी किसान संगठनों, सामाजिक संस्थाओं और जागरूक नागरिकों से भी इस अन्यायपूर्ण निर्णय के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने तुरंत इस तुगलकी आदेश को वापस नहीं लिया और किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया तो भाजपा प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी कांग्रेस सरकार की होगी।

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