ग्रामोद्योग विकास योजना और खादी विकास योजना के अंतर्गत 5 लाख से अधिक खादी कारीगर और पीएमईजीपी लाभार्थी हुए लाभान्वित
खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी), सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई), भारत सरकार ने अपने केंद्रीय कार्यालय, मुंबई में वर्चुअल माध्यम से सबसे बड़ा और सबसे व्यापक ‘मेगा वितरण’ कार्यक्रम आयोजित

न्यूज़ एजेंसी - नई दिल्ली 30-03-2025
खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी), सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई), भारत सरकार ने अपने केंद्रीय कार्यालय, मुंबई में वर्चुअल माध्यम से सबसे बड़ा और सबसे व्यापक ‘मेगा वितरण’ कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें ग्रामोद्योग विकास योजना, खादी विकास योजना और प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के अंतर्गत 5 लाख से ज्यादा खादी कारीगरों, उद्यमियों और लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण के अनुसार, खादी एवं ग्रामीण उद्योग क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए एक ऐतिहासिक पहल की गई और विले पार्ले स्थित मुख्यालय में एक 'मेगा वितरण' कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में ग्रामोद्योग विकास योजना के अंतर्गत पूरे देश के सभी 6 जोन (पूर्वी जोन, पश्चिमी जोन, उत्तरी जोन, दक्षिणी जोन, मध्य जोन एवं पूर्वोत्तर जोन) के राज्य एवं मंडल कार्यालयों से जुड़े लाभार्थियों को 16377 उपकरण, मशीनें एवं टूलकिट वितरित किए गए।
इसके साथ ही खादी विकास योजना के अंतर्गत 44 पुनर्निर्मित खादी भवनों और 750 खादी कार्यशालाओं का भी उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पूरे देश में 14456 पीएमईजीपी इकाइयों को 1399.13 करोड़ रुपये के स्वीकृत ऋण पर 469 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी वितरित की गई, जिससे 159016 रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे।
इसके साथ ही केवीआईसी के अध्यक्ष ने ऑनलाइन माध्यम से 5000 नई पीएमईजीपी इकाइयों का भी उद्घाटन किया। वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल 58850 लाभार्थियों को 2,175 करोड़ रुपये का मार्जिन वितरित किया गया, जिससे 64,73,50 नौकरियां उत्पन्न हुईं।
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