मानसिक रोगों की पहचान और उपचार को अधिक सटीक बनाने की दिशा में एम्स बिलासपुर में नई तकनीक होगी शुरू
मानसिक रोगों की पहचान और उपचार को अधिक सटीक बनाने की दिशा में एम्स बिलासपुर में नई तकनीक शुरू होने जा रही है। संस्थान के मनोरोग विभाग में जल्द ही आधुनिक मनोवैज्ञानिक व्यक्तित्व परीक्षण प्रणाली मिलियन क्लीनिकल मल्टीएक्सियल इनवेंटरी-4 (एमसीएमआई-4) स्थापित की जाए
यंगवार्ता न्यूज़ - बिलासपुर 15-03-2026
मानसिक रोगों की पहचान और उपचार को अधिक सटीक बनाने की दिशा में एम्स बिलासपुर में नई तकनीक शुरू होने जा रही है। संस्थान के मनोरोग विभाग में जल्द ही आधुनिक मनोवैज्ञानिक व्यक्तित्व परीक्षण प्रणाली मिलियन क्लीनिकल मल्टीएक्सियल इनवेंटरी-4 (एमसीएमआई-4) स्थापित की जाएगी।
यह सुविधा शुरू होने से मानसिक रोगों के निदान की प्रक्रिया और वैज्ञानिक व सटीक हो जाएगी। तकनीक उपलब्ध होने के बाद मनोरोग विशेषज्ञों को मरीजों की मानसिक स्थिति, व्यवहार और व्यक्तित्व से जुड़े पहलुओं का आकलन करने में मदद मिलेगी। साथ ही मरीजों को भी जिला स्तर पर ही विश्वस्तरीय मनोवैज्ञानिक जांच की सुविधा मिल सकेगी।
इस परीक्षण प्रणाली में मरीज को 195 सही या गलत प्रकार के सवालों के जवाब देने होंगे। ये सवाल व्यक्ति के व्यवहार, सोच, भावनात्मक स्थिति और सामाजिक संबंधों से जुड़े होते हैं। मरीज के सभी जवाब पूरे होते ही सॉफ्टवेयर खुद उनका विश्लेषण कर विस्तृत व्याख्यात्मक रिपोर्ट तैयार कर देगा।
इस रिपोर्ट में मरीज के व्यक्तित्व पैटर्न, मानसिक स्थिति और संभावित मनोवैज्ञानिक समस्याओं का विवरण शामिल होगा। इससे डॉक्टरों को मरीज की समस्या को समझने और उपचार की दिशा तय करने में आसानी होगी। यह प्रणाली मानसिक स्वास्थ्य के अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप काम करती है और डीएसएम -5-टीआर के नवीनतम दिशानिर्देशों पर आधारित है।
दुनिया के कई चिकित्सा संस्थानों में क्लिनिकल मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन के लिए इसका उपयोग होता है। एम्स बिलासपुर में यह तकनीक उपलब्ध होने से प्रदेश के मरीजों को भी आधुनिक मानसिक स्वास्थ्य जांच की सुविधा मिल सकेगी। केवल सामान्य मानसिक तनाव, चिंता या अवसाद ही नहीं व्यक्तित्व से जुड़े जटिल मानसिक विकारों की पहचान भी संभव होगी।
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