राज्य के भविष्य से जुड़ा है युवाओं का भविष्य ,  नशा मुक्त राज्य बनाने के प्रयासों में सक्रिय रूप से सहयोग करें लोग : मुख्यमंत्री

अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर आज यहां आयोजित राज्य स्तरीय समारोह की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने प्रदेश के युवाओं से नशे से दूर रहने और प्रदेश को नशा मुक्त राज्य बनाने के प्रयासों में सक्रिय रूप से सहयोग करने का आग्रह किया। उन्होंने युवाओं से नशा तस्करों की सूचना पुलिस को देने की अपील की और कहा कि राज्य सरकार नशे की गिरफ्त में फंसे लोगों के पुनर्वास के लिए प्रतिबद्ध है

Aug 12, 2025 - 17:56
Aug 12, 2025 - 18:32
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राज्य के भविष्य से जुड़ा है युवाओं का भविष्य ,  नशा मुक्त राज्य बनाने के प्रयासों में सक्रिय रूप से सहयोग करें लोग : मुख्यमंत्री
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यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला   12-08-2025

अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर आज यहां आयोजित राज्य स्तरीय समारोह की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने प्रदेश के युवाओं से नशे से दूर रहने और प्रदेश को नशा मुक्त राज्य बनाने के प्रयासों में सक्रिय रूप से सहयोग करने का आग्रह किया। उन्होंने युवाओं से नशा तस्करों की सूचना पुलिस को देने की अपील की और कहा कि राज्य सरकार नशे की गिरफ्त में फंसे लोगों के पुनर्वास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि नशा माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है, जिसमें उनकी संपत्ति जब्त करना भी शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के युवा देश का भविष्य हैं और हिमाचल प्रदेश की प्रगति सीधे तौर पर उनकी भलाई से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जो सुधार लागू कर रही है, उनका लाभ अगले पांच वर्षों में युवाओं को मिलेगा। भविष्य में युवा गर्व से कहेंगे कि वे देश के सबसे समृद्ध राज्य से हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार स्टार्ट-अप को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित कर रही है। 
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए, राज्य आगामी वर्षों में 3,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगा। सरकार होम-स्टे निर्माण के लिए 4 प्रतिशत ब्याज पर ऋण दे रही है। वर्तमान में, राज्य में लगभग 8,000 होम-स्टे कार्यरत हैं और किन्नौर जिला में भारत चीन सीमा पर भी पर्यटन गतिविधियां शुरू हो गई हैं। ये कदम राज्य में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने में काफी मददगार साबित होंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा किए गए शैक्षणिक सुधारों से हिमाचल प्रदेश की रैंकिंग देश में 5वें स्थान पर पहुंच गई है, जो वर्ष 2021 में 21वें स्थान पर थी। अगले शैक्षणिक सत्र से प्रदेश में दस राजीव गांधी राजकीय डे-बोर्डिंग स्कूल आरंभ हो जाएंगे, जिनमें प्री-नर्सरी से कक्षा 12 तक की कक्षाएं, स्विमिंग पूल, पौष्टिक भोजन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है और 600 जेबीटी पदों के लिए विज्ञापन जारी किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि 6,000 अनाथ बच्चों को ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ घोषित किया गया है और डॉ. वाईएस परमार विद्यार्थी ऋण योजना के तहत उच्च शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। 
इस योजना के तहत केवल 1 प्रतिशत ब्याज पर 20 लाख रुपये तक के ऋण का प्रावधान है। ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य की 90 प्रतिशत आबादी गांवों में रहती है, लेकिन खेती अब मुख्य आजीविका नहीं रही। सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रही है और गेहूं, मक्की, कच्ची हल्दी और जौ के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश का लक्ष्य प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने में देश का अग्रणी राज्य बनना है। प्रदेश में प्राकृतिक खेती से बने उत्पादों को उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि उन्हें गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने दूरभाष के माध्यम से हिमाचल में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर, मुख्यमंत्री ने 12 अगस्त से 12 अक्तूबर तक चलने वाले एचआईवी जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया। यह अभियान राज्य के 6,000 गांवों और 1,500 से अधिक शैक्षणिक संस्थानों को कवर करेगा। उन्होंने शिमला में 50 टैक्सी चालकों को कार-बिन वितरित किए और कार-बिन वितरण अभियान के दूसरे चरण का शुभारंभ किया। 
पहले चरण में 4,000 कार-बिन वितरित किए गए थे, जबकि दूसरे चरण में 6,000 कार-बिन वितरित किए जाएंगे। उन्होंने नशीली दवाओं के दुरुपयोग और एचआईवी के प्रति जागरूकता शपथ भी दिलाई। मुख्यमंत्री ने सुबह अपने सरकारी आवास से ‘रेड रन’ और ‘साइकिल रन’ को झंडी दिखाई और विजेताओं को सम्मानित भी किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने कहा कि बेहतर भविष्य के लिए युवा ऊर्जा को सही दिशा और मार्गदर्शन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने राज्य में एचआईवी के 6,408 मामलों पर चिंता व्यक्त की, जिनमें से 1,453 मामले 15-30 वर्ष की आयु के युवाओं में हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए जागरूकता कार्यक्रमों के साथ-साथ एचआईवी परीक्षण और उपचार को बढ़ावा दे रही है। 
हिमाचल प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण समिति के परियोजना निदेशक राजीव कुमार ने कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री का स्वागत किया और समिति द्वारा की जा रही गतिविधियों के बारे में विस्तार से बताया। इस अवसर पर, नशीली दवाओं के दुरुपयोग और एचआईवी के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए एक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया। राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष भवानी सिंह पठानिया, विधायक हरीश जनारथा, सुरेश कुमार, नीरज नैयर, विवेक शर्मा, रणजीत सिंह राणा, अजय सोलंकी, अनुराधा राणा, नगर निगम शिमला के महापौर सुरेन्द्र चौहान, उप-महापौर उमा कौशल, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा, वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुरेन्द्र मनकोटिया, उपायुक्त अनुपम कश्यप और अन्य गणमान्य भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

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