यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला 21 मई, 2026 :
हिमाचल के शिमला जिला की चौपाल की ग्राम पंचायत पूजारली में प्रधान पद की उम्मीदवार योजना दफ़राइक इन दिनों अपने चुनावी पोस्टर को लेकर चर्चा का विषय बनी हुई हैं। दरअसल, योजना दफ़राइक द्वारा जारी किया गया चुनावी पोस्टर उर्दू भाषा में लिखा गया है, जिसके बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पंचायत चुनावों में आमतौर पर हिंदी या स्थानीय भाषा में प्रचार सामग्री देखने को मिलती है, लेकिन उर्दू में पोस्टर जारी होने से कई लोग हैरान हैं। सोशल मीडिया पर भी पोस्टर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इसको लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोगों ने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर ग्रामीण क्षेत्र में उर्दू भाषा में पोस्टर जारी करने का उद्देश्य क्या है, जबकि कई लोगों ने इसे उम्मीदवार की व्यक्तिगत पसंद और प्रचार का अलग तरीका बताया।
वहीं कुछ लोगों का मानना है कि चुनाव में चर्चा बटोरने के लिए यह कदम उठाया गया हो सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि योजना दफ़राइक द्वारा जारी किया गया पोस्टर न केवल मात्र मुसलमान को खुश करने के लिए जारी किया गया है। बताते हैं कि पुजारली पंचायत में मुस्लिमों की काफी संख्या है , जिसके चलते मुसलमान वोटरों को रिझाने के लिए योजना दफ़राइक द्वारा उर्दू में चुनावी पोस्टर जारी किया है। यह अलग बात है की उन मुस्लिमों की भले ही उर्दू नहीं आती हो। जबकि वास्तविकता यह है कि यदि क्षेत्र में सर्वे किया जाए तो एक प्रतिशत लोग भी उर्दू भाषा नहीं जानते हैं। बावजूद इसके भी पंचायत प्रधान के प्रत्याशी योजना दफ़राइक द्वारा उर्दू में पोस्टर जारी किया है।
हैरानी की बात तो यह है कि हिमाचल प्रदेश की पुजारली पहली पंचायत होगी जहां उर्दू में चुनावी पोस्टर जारी किया गया है। हिमाचल प्रदेश में ना तो पंचायती राज चुनाव में ना स्थानीय निकायों के चुनाव में ना ही विधानसभा और लोकसभा के चुनाव में उर्दू में किसी भी प्रकार का कोई चुनावी पोस्टर और पम्पलेट जारी नहीं किया जाता है , क्योंकि हिमाचल प्रदेश में 98% लोग हिंदी भाषी और पहाड़ी भाषा को जानने वाले हैं। यही नहीं यदि मुस्लिम वोटरों की बात करें तो हिमाचल प्रदेश में जितने भी मुस्लिम वोटर है वह भी हिंदी को ही तवज्जो देते हैं लेकिन शिमला जिला के विकासखंड चौपाल की ग्राम पंचायत पुजारली के प्रधान पद प्रत्याशी योजना दफ़राइक द्वारा उर्दू में पोस्टर जारी कर क्षेत्र में चर्चा का बाजार गर्म कर दिया है। कुछ लोग यह भी सवाल उठा रहे हैं की प्रधान पद प्रत्याशी द्वारा आज मुसलमानों को खुश करने के लिए उर्दू में पोस्टर जारी किया है।
यदि यह सत्ता पर काबिज होती है तो वह कल हिंदुओं को कन्वर्ट भी कर सकती है यानी कल अपनी पंचायत में हिंदुओं का धर्मांतरण भी करवा सकती है। अब देखना यह है की योजना डफली द्वारा जारी किया गया यह पोस्ट क्या गुल खिला है। हालांकि, योजना दफ़राइक की ओर से इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पंचायत क्षेत्र में यह पोस्टर अब लोगों के बीच बहस और चर्चा का केंद्र बना हुआ है। यदि योजना दफ़राइक की प्रतिक्रिया आती है तो यंगवार्ता उसे प्रकाशित करेगा। पंचायती चुनावों के माहौल के बीच यह मामला अब राजनीतिक रंग भी पकड़ता दिखाई दे रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है।