दुग्ध उत्पादकों की अदायगी न होने से किसान परेशानी झेलने को मजबूर

बीते दो माह से हिमाचल प्रदेश मिल्कफैड द्वारा दुग्ध उत्पादको की दूध की  अदायगी न किए जाने पर किसानों को बहुत परेशानी झेलनी पड़ रही

Mar 15, 2026 - 19:19
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दुग्ध उत्पादकों की अदायगी न होने से किसान परेशानी झेलने को मजबूर
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मिल्कफैड ने समय पर अदायगी नहीं की तो पशुपालक करेगें धरना प्रदर्शन

यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला    15-03-2026

बीते दो माह से हिमाचल प्रदेश मिल्कफैड द्वारा दुग्ध उत्पादको की दूध की  अदायगी न किए जाने पर किसानों को बहुत परेशानी झेलनी पड़ रही है । जै दुर्गे दुग्ध सहकारी सभा पीरन नारिगा के प्रधान प्रेमदास  शर्मा और सचिव कुलदीप ठाकुर ने बताया कि बीते दो माह से दूध की पेमेंट न मिलने से दुग्ध उत्पादकों को आर्थिक रूप से बहुत परेशानी झेलनी पड़  रही है। अनेक पशुपालकों  का दुग्ध उत्पादन ही एक मात्र आय का साधन है। 

समय पर दूध की पेमेंट न मिलने से पशुपालकों को अपने परिवार  की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना कठिन हो गया है । इन्होने बताया कि दिसंबर 2025 के उपरांत अभी तक हिप्र मिल्कफैड ने दुग्ध उत्पादकों की पेमेंट अदा नहीं की गई है ।

सचिव कुलदीप ठाकुर ने जानकारी दी कि पीरन दुग्ध सहकारी सभा के माध्यम से 60 पशुपालकों द्वारा  तीन सौ लीटर से अधिक दूध सीमा पर लगते सिरमौर जिला के   चिलिंग प्लांट मरयोग को भेजा जाता है । बता दे कि चिलिंग प्लांट की गाड़ी प्रतिदिन दुग्ध एकत्रिकरण के लिए घरद्वार पर आती है जिससे विशेषकर गरीब परिवारों को बहुत लाभ मिल रहा है। 

कुछ दुग्ध उत्पादक बहुत की  गरीब परिवार  से संबध रखते हैं जिनका दुग्ध उत्पादन एक मात्र आय का साधन है। दुग्ध उत्पादकों का कहना है कि अगर मिल्कफैड द्वारा समय पर दूध की अदायगी नहीं की गई तो उन्हें मजबूरन शिमला सचिवालय के समक्ष धरना प्रदर्शन करना पड़ेगा। सचिव कुलदीप ठाकुर ने बताया कि चिलिंग प्लांट मरयोग के अधीन छः दुग्ध सहकारी सभाएं पीरन नारिगा, शरगांव, नेईनेटी, चाखल, चबीयुल और मरयोग कार्यरत है परंतु किसी भी सहकारी सभा में अभी तक दुध की अदायगी नहीं की गई है। 

सभी सहकारी सभाओं के दुग्ध उत्पादक समय पर दूध की पेमेंट न मिलने से परेशान हैं । पीरन के दुग्ध उत्पादक चंचल वर्मा, कमल वर्मा, प्रकाश वर्मा सहित अनेक किसानों ने बताया कि चिंलिग प्लांट के माध्यम से  दूध का रेट कभी भी 45 से 48 रूपये प्रति किलोग्राम से अधिक नहीं मिला है। 

महीने में एक बार  दूध की जांच लेक्टोमीटर से की जाती है और उसी आधार पर पूरा महीना की अदायगी की जाती है जबकि सरकारी रेट न्यूनतम 50 रूपये सरकार ने तय किया है ।

दुग्ध चिलिंग प्लाट मरयोग के प्रभारी दुन्नी चंद ने बताया कि पशुपालकों के दुग्ध की अदायगी का मामला  हिप्र मिल्कफैड शिमला  को भेजा गया है । उम्मीद है कि दुग्ध उत्पादकों की अदायगी शीघ्र हो जाएगी।

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