प्रदेश सरकार ने हिमाचल की 3,577 पंचायतीराज संस्थाओं में प्रशासक लगाने की अधिसूचना की जारी
प्रदेश सरकार ने हिमाचल प्रदेश की 3,577 पंचायतीराज संस्थाओं में प्रशासक लगाने की अधिसूचना जारी कर दी है। प्रदेश सरकार ने पंचायती राज संस्थाओं का कार्यकाल समाप्त होने के बाद अब प्रशासनिक स्तर पर वैकल्पिक व्यवस्था लागू
यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला 06-02-226
प्रदेश सरकार ने हिमाचल प्रदेश की 3,577 पंचायतीराज संस्थाओं में प्रशासक लगाने की अधिसूचना जारी कर दी है। प्रदेश सरकार ने पंचायती राज संस्थाओं का कार्यकाल समाप्त होने के बाद अब प्रशासनिक स्तर पर वैकल्पिक व्यवस्था लागू कर दी है।
पंचायतों की कमान बीडीओ जबकि पंचायत समिति और जिला परिषद की कमान सीईओ की अध्यक्षता वाली कमेटियों को सौंपी गई है। पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 140(3)(बी) के तहत ग्राम पंचायत की कमान खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) बतौर अध्यक्ष संभालेंगे, जबकि पंचायत सचिव सदस्य सचिव के रूप में कार्य करेंगे।
पंचायत समिति के अध्यक्ष मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) होंगे। खंड योजना अधिकारी (बीपीओ) सदस्य और पंचायत निरीक्षक सदस्य सचिव होंगे। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अध्यक्ष होंगे, जबकि जिला विकास अधिकारी सदस्य और जिला पंचायत अधिकारी सदस्य सचिव होंगे।
पंचायती राज विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, यह आदेश पूरे हिमाचल प्रदेश में प्रभावी होगा। हालांकि लाहौल-स्पीति जिला (केलांग सब-डिवीजन, जिला लाहौल-स्पीति की जिला परिषद), चंबा जिला के पांगी सब-डिवीजन की पंचायत समितियों और कुल्लू जिले की चार ग्राम पंचायतों को इससे बाहर रखा गया है।
इन क्षेत्रों के अलावा अन्य सभी संस्थाएं 31 जनवरी 2026 को अपना कार्यकाल पूरा होने पर भंग मानी जाएंगी। सेंट्रल फाइनेंस कमीशन ग्रांट (सीएफसी) के तहत भुगतान प्रक्रिया के लिए सदस्य सचिव मेकर होंगे और समिति के अध्यक्ष चेकर की भूमिका में रहेंगे। यह व्यवस्था तब तक जारी रहेगी जब तक नई पंचायतों का विधिवत पुनर्गठन नहीं हो जाता।
What's Your Reaction?

