शिमला में 108-102 कर्मचारियों की हड़ताल,प्रदेशव्यापी इस हड़ताल के चलते एंबुलेंस सेवाएं प्रभावित 

हिमाचल प्रदेश में 108 और 102 एंबुलेंस सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों की यूनियन सीटू के बैनर तले, अपनी मांगों को लेकर 132 घंटे की हड़ताल पर हैं। यह हड़ताल 5 अप्रैल रात 8 बजे से शुरू होकर 11 अप्रैल सुबह 8 बजे तक जारी रहेगी। प्रदेशव्यापी इस हड़ताल के चलते एंबुलेंस सेवाएं प्रभावित

Apr 6, 2026 - 19:53
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शिमला में 108-102 कर्मचारियों की हड़ताल,प्रदेशव्यापी इस हड़ताल के चलते एंबुलेंस सेवाएं प्रभावित 
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यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला    06-04-2026

हिमाचल प्रदेश में 108 और 102 एंबुलेंस सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों की यूनियन सीटू के बैनर तले, अपनी मांगों को लेकर 132 घंटे की हड़ताल पर हैं। यह हड़ताल 5 अप्रैल रात 8 बजे से शुरू होकर 11 अप्रैल सुबह 8 बजे तक जारी रहेगी। प्रदेशव्यापी इस हड़ताल के चलते एंबुलेंस सेवाएं प्रभावित हैं। 

यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं होती हैं, तो वे निर्णायक संघर्ष की ओर बढ़ेंगे।हड़ताल के दौरान एम्बुलेंस कर्मी 5 दिन के सचिवालय के समीप महापड़ाव पर बैठ गए है। 

108- 102 एम्बुलेंस यूनियन के अध्यक्ष सुनील दत्त ने आरोप लगते हुए कहा कि नेशनल हेल्थ मिशन के तहत मेडस्वान फाउंडेशन के अधीन कार्यरत पायलट, कैप्टन और ईएमटी कर्मचारी भारी शोषण का सामना कर रहे हैं। 

उनका कहना है कि कर्मचारियों को सरकार द्वारा तय न्यूनतम वेतन तक नहीं मिलता, जबकि उनसे 12 घंटे की ड्यूटी करवाई जाती है और ओवरटाइम का भुगतान भी नहीं किया जाता। हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय, लेबर कोर्ट, सीजेएम कोर्ट शिमला और श्रम विभाग के आदेशों के बावजूद वर्षों से स्थिति में सुधार नहीं होता है। 

यूनियन का आरोप है कि अपनी मांगों को उठाने पर कर्मचारियों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है, यूनियन नेताओं के तबादले किए जाते हैं या उन्हें नौकरी छोड़ने के लिए मजबूर किया जाता है। कई कर्मचारियों को बिना कारण महीनों तक ड्यूटी से बाहर रखा जाता है और उन्हें नियमानुसार छुट्टियां भी नहीं मिलती हैं।

कर्मचारियों के ईपीएफ और ईएसआई के क्रियान्वयन में भारी अनियमितताएं हैं और कर्मचारियों से ही दोनों शेयर काटे जा रहे हैं, जिससे हर महीने करीब दो हजार रुपये का नुकसान हो रहा है। 

इसके अलावा कर्मचारियों का बेसिक वेतन भी बेहद कम है और अन्य श्रम कानूनों का भी उल्लंघन हो रहा है। इससे पहले ये कर्मचारी जीवीके ईएमआरआई के तहत कार्यरत थे, जहां से सेवा समाप्ति या छंटनी के बाद उन्हें ग्रेच्युटी, नोटिस पे और अन्य एरियर का भुगतान नहीं किया गया।

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