कृषि क्षेत्र के लिए एक नई चुनौती के रूप में सामने आ रही जलवायु परिवर्तन की अनिश्चितताएं : डॉ. अशोक कुमार

कृषि विज्ञान केंद्र सिरमौर (धौला कुआं) की 45वीं वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर के कुलपति डॉ. अशोक कुमार पांडा ने की।  इस दौरान फसल उत्पादन, पौध संरक्षण, पोषण वाटिका, प्राकृतिक खेती, पशुपालन, मधुमक्खी पालन और महिला सशक्तिकरण से जुड़े कार्यक्रमों की प्रगति पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के उप कुलपति डॉ. अशोक कुमार पांडा ने कहा कि वर्तमान समय में जलवायु की अनिश्चितताएं , जैसे अनियमित वर्षा , सूखा , अत्यधिक तापमान और ओलावृष्टि , कृषि क्षेत्र के लिए एक नई चुनौती के रूप में सामने है

Feb 27, 2026 - 19:13
Feb 27, 2026 - 19:39
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कृषि क्षेत्र के लिए एक नई चुनौती के रूप में सामने आ रही जलवायु परिवर्तन की अनिश्चितताएं : डॉ. अशोक कुमार
 
यंगवार्ता न्यूज़ - पांवटा साहिब  27-02-2026

कृषि विज्ञान केंद्र सिरमौर (धौला कुआं) की 45वीं वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर के कुलपति डॉ. अशोक कुमार पांडा ने की।  इस दौरान फसल उत्पादन, पौध संरक्षण, पोषण वाटिका, प्राकृतिक खेती, पशुपालन, मधुमक्खी पालन और महिला सशक्तिकरण से जुड़े कार्यक्रमों की प्रगति पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के उप कुलपति डॉ. अशोक कुमार पांडा ने कहा कि वर्तमान समय में जलवायु की अनिश्चितताएं , जैसे अनियमित वर्षा , सूखा , अत्यधिक तापमान और ओलावृष्टि , कृषि क्षेत्र के लिए एक नई चुनौती के रूप में सामने है। 
निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. विनोद कुमार शर्मा ने एक गांव एक तकनीक की अवधारणा पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित करने के लिए निर्देश दिए। बैठक के दौरान अतिरिक्त निदेशक (कृषि) ने कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. पंकज मित्तल ने कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा विगत एक वर्ष में किए गए कार्यों का प्रगति विवरण प्रस्तुत किया और आगामी एक वर्ष की कार्ययोजना भी सदस्यों के समक्ष विस्तृत चर्चा के लिए प्रस्तुत की। बैठक से पहले विश्वविद्यालय के कुलपति एवं अन्य अधिकारियों ने विश्वविद्यालय के अनुसंधान प्रक्षेत्र का निरीक्षण किया और उन्नत कृषि तकनीकों एवं बीज उत्पादन संबंधित कार्यों की सराहना करते हुए इसे और अधिक किसान हितैषी बनाने के लिए प्रयास करने पर जोर दिया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण अपनी विशेष गुणवत्ता के लिए मशहूर जिला सिरमौर की सौंठ का हॉटी सौंठ के नाम से भारत सरकार के पौधा किस्म और कृषक अधिकार संरक्षण प्राधिकरण ( पीपीवीएफआरए ) , नई दिल्ली के द्वारा जारी किया गया। 
अधिकृत रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र हॉटी किसान संघ को विश्वविद्यालय के कुलपति के हाथों प्रदान करना रहा जिसे  कुंदन सिंह शास्त्री एवं रामभज चौहान ने प्राप्त किया। गिरिपार के अदरक उगाने और सौंठ बनाने वाले किसानों की कई दशकों पुरानी मांग को पूरा करने के लिए कृषि विज्ञान केंद्र, सिरमौर और कृषि विश्वविद्यालय के प्रयास की सराहना करते हुए समस्त हॉटी किसान समुदाय की तरफ से आभार प्रकट किया। कुलपति एवं अन्य अधिकारियों ने कोलार गांव के नवोन्मेषी किसान गिरधारी लाल के प्राकृतिक सिंदूर प्रसंस्करण का भी निरीक्षण किया और उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों के लिए बधाई देते हुए अन्य किसानों से भी इसका अनुकरण करने की अपील की। 
इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ. विनोद कुमार शर्मा विशिष्ट अतिथि के नाते उपस्थित रहे। इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र देहरादून के प्रभारी वैज्ञानिक प्रोफ़ेसर अशोक शर्मा एवं वैज्ञानिक डॉ. संजय राठी ,  उप-निदेशक (कृषि) डॉ. राजकुमार , परियोजना निदेशक (आत्मा) डॉ. साहब सिंह , नाबार्ड के जिला प्रबंधक बिक्रमजीत सिंह , विभिन्न सहयोगी विभागों के अधिकारी , वैज्ञानिक सलाहकार समिति के सदस्य और प्रगतिशील किसान भी उपस्थित रहे।

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