छात्राओं को सिखाए जा रहे आत्मरक्षा के तरीके ,रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा कार्यक्रम के तहत पंजाहल स्कूल में दी ट्रेनिंग 

रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत हिमाचल प्रदेश के सभी जिलों में छात्राओं को आत्मरक्षा के तरीके सिखाए जा रहे हैं , ताकि प्रदेश की बेटियां सशक्त बने। रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा कार्यक्रम के जिला समन्वयक अरुण चौहान ने बताया कि रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत जिला सिरमौर के वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पंजाहल में छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाए जा रहे हैं

Dec 6, 2025 - 19:46
Dec 6, 2025 - 20:09
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छात्राओं को सिखाए जा रहे आत्मरक्षा के तरीके ,रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा कार्यक्रम के तहत पंजाहल स्कूल में दी ट्रेनिंग 
यंगवार्ता न्यूज़ - नाहन  06-12-2025
रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत हिमाचल प्रदेश के सभी जिलों में छात्राओं को आत्मरक्षा के तरीके सिखाए जा रहे हैं , ताकि प्रदेश की बेटियां सशक्त बने। रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा कार्यक्रम के जिला समन्वयक अरुण चौहान ने बताया कि रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत जिला सिरमौर के वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पंजाहल में छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि छात्राओं को भारतीय आधुनिक मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। 
उन्होंने कहा कि ग्रैंड मास्टर विक्रम थापा और शास्त्रांग भारतीय आधुनिक मार्शल आर्ट के सीईओ जीवंत माहौल ने छात्राओं को आत्मरक्षा के तरीके बताएं।  उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम हिमाचल प्रदेश के कई स्कूलों में आयोजित किया जा रहे हैं। इसी कार्यक्रम के तहत जिला सिरमौर के वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पंजाहल में छात्राओं को ट्रेनिंग दी गई। उन्होंने बताया कि समग्र शिक्षा हिमाचल प्रदेश के अंतर्गत जिला बिलासपुर , चंबा , हमीरपुर , कांगड़ा , किन्नौर , शिमला , सिरमौर और ऊना में रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से अभी तक 3240 सरकारी स्कूलों की छात्राओं को आत्मरक्षा के लिए प्रशिक्षित किया गया। 
अरुण चौहान ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को अपनी रक्षा करना सीखाना है। उन्होंने कहा कि यह एक मौलिक अधिकार है , एक मानसिकता और एक निडर जीवन जीने का सशक्त मार्ग है। उन्होंने बताया कि हमारा मिशन यह सुनिश्चित करना है कि हर बेटी मजबूत हो और आपातकाल में अपनी रक्षा स्वयं कर सके। आत्मरक्षा केवल एक कौशल नहीं है। यह एक मौलिक अधिकार है, एक मानसिकता है और निडर जीवन जीने का मार्ग है। यह एक मौलिक अधिकार है, एक मानसिकता है और निडर जीवन जीने का मार्ग है। हमारा मिशन यह सुनिश्चित करना है कि हर लड़की मज़बूत, तैयार और अपनी ताकत पर गर्व करे।

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