गेहूं की फसल बेचने को लेकर खाद्य आपूर्ति विभाग के पोर्टल पर किसानों का पंजीकरण शुरू
गेहूं की फसल बेचने को लेकर खाद्य आपूर्ति विभाग के पोर्टल पर किसानों का पंजीकरण शुरू हो गया है। 26 मार्च तक 98 किसानों ने खाद्य आपूर्ति विभाग के पोर्टल पर गेहूं की फसल बेचने को पंजीकरण करवाया
यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला 27-03-2026
गेहूं की फसल बेचने को लेकर खाद्य आपूर्ति विभाग के पोर्टल पर किसानों का पंजीकरण शुरू हो गया है। 26 मार्च तक 98 किसानों ने खाद्य आपूर्ति विभाग के पोर्टल पर गेहूं की फसल बेचने को पंजीकरण करवाया है। प्रदेश के गेहूं खरीद केंद्रों में आठ अप्रैल से किसानों से गेहूं की खरीद शुरू हो जाएगी। खाद्य आपूर्ति विभाग ने गेहूं खरीद के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं।
गेहूं खरीद केंद्रों में आठ अप्रैल से लेकर 15 जून तक किसानों के गेहूं की खरीद की जाएगी। किसानों को एचपीएपीपीपीडॉटएनआईसीडॉटइन पोर्टल पर जाकर अपनी फसल का ब्यौरा भरने के बाद किसानों का गेंहू की फसल बेचेने के लिए पंजीकरण करना होगा। प्रदेश के किसान खाद्य आपूर्ति विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण करवाने के बाद किसानों को गेहूं की फसल बेचने के लिए टोकन नंबर और तिथि बताई जाएगी।
पोर्टल पर बताई गई तिथि के अनुसार किसान गेहूं खरीद केंद्र में जाकर टोकन नंबर के साथ अपनी फसल बेच पाएंगे। एक मोबाइल नंबर पर एक ही पंजीकरण संभव है। प्रदेश सरकार ने गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 160 रुपए की बढ़ोतरी की है।
इस बार गेहूं की फसल का 2585 प्रति क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया गया है। प्रदेश के गेहूं खरीद केंद्रों में किसानों से की जाने वाली गेहूं की खरीद इस बार 2585 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से गेहूं की फसल की खरीद की जाएगी।
गौर हो कि बीते वर्ष किसानों से 2425 रुपए प्रति क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य के हिसाब से किसानों से गेहूं की खरीद की गई थी, लेकिन अब प्रदेश सरकार ने गेहूं की फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाकर 2585 रुपए प्रति क्विंटल कर दिया है। प्रदेश में किसानों से गेहूं की फसल खरीदने के लिए खाद्य आपूर्ति विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी है।
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