चौपाल में सेब के 45 पेड़ों को काटने के मामले की हिमाचल हाईकोर्ट में होगी सुनवाई  

चौपाल में 15 बीघा जमीन पर वर्ष 2018 में सेब के 45 पेड़ों के काटने का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। हाईकोर्ट में इसकी सुनवाई छुट्टियों के बाद होगी। याचिकाकर्ता ने मंडलायुक्त शिमला के फैसले को चुनौती दी

Jan 28, 2025 - 14:02
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चौपाल में सेब के 45 पेड़ों को काटने के मामले की हिमाचल हाईकोर्ट में होगी सुनवाई  
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यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला     28-01-2025

चौपाल में 15 बीघा जमीन पर वर्ष 2018 में सेब के 45 पेड़ों के काटने का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। हाईकोर्ट में इसकी सुनवाई छुट्टियों के बाद होगी। याचिकाकर्ता ने मंडलायुक्त शिमला के फैसले को चुनौती दी है। मंडलायुक्त ने फैसले दिया था कि जहां पर अतिक्रमणकारी ने सेब के पौधे लगाए हैं, वह भूमि सरकार की है।

हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की विशेष खंडपीठ करेगी। याचिकाकर्ता ने मंडलायुक्त के फैसले को चुनौती है। याचिकाकर्ता का तर्क है कि बिना किसी दस्तावेज के मूल्यांकन किए बिना सिर्फ जो जवाब दायर किया है, उसके आधार पर फैसला दिया है। 

प्रदेश सरकार ने सार्वजनिक परिसर अधिनियम 1971 लागू किया, जिसके तहत सारी वेस्ट लैंड और रियासती शासकों की भूमि को प्रदेश सरकार की संपत्ति घोषित किया गया, जबकि यह जमीन न तो किसी व्यक्ति की निजी भूमि है, न ही सरकार की और न ही वेस्टलैंड है।

राजस्व रिकॉर्ड के मुताबिक यह जमीन बधान समुदाय की है, जिसको यह जमीन गोरखों से लड़ाई करने के बाद मिली थी। यह भूमि वर्ष 1913-14 में कुंगु नाली फॉरेस्ट चौपाल के नाम से दर्ज है। इस भूमि पर याचिकाकर्ता सहित अन्य गांव के लोग सदियों से जीवनयापन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने 1977 में पेड़ के बदले पेड़ लगाने की नीति बनाई, जिसका पालन नहीं किया जा रहा है।

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