छलंडा-पीरन सड़क का दस किलोमीटर हिस्सा गड्ढों में तबदील, वाहन चालक और लोग परेशान
जुन्गा तहसील के अंतर्गत आने वाली छलंडा-पीरन सड़क के आंजी से पीरन तथा खालटू तक लगभग दस किलोमीटर लंबे हिस्से की हालत बेहद खराब हो चुकी है। सड़क जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो गई है, जिससे वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
यंगवार्ता न्यूज - शिमला 28 जुलाई, 2026 :
स्थानीय निवासी राजीव शर्मा, प्रीतम सिंह ठाकुर, मनोहर सिंह ठाकुर, दया राम वर्मा और जबर सिंह ठाकुर सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि पिछले दो वर्षों से सड़क की कोई मरम्मत नहीं हुई है। उनका कहना है कि स्थिति ऐसी हो गई है कि “सड़क में गड्ढे नहीं, बल्कि गड्ढों में सड़क दिखाई देती है।” गहरे गड्ढों के कारण छोटी गाड़ियों के चैंबर और अन्य पुर्जों को नुकसान पहुंच रहा है तथा दुर्घटना का खतरा भी लगातार बना हुआ है।
ग्रामीणों ने बताया कि नारिगा पुल से जघेड़ तक पड़ने वाले खतरनाक ढांक वाले हिस्से में पिछले लगभग 30 वर्षों से न तो क्रैश बैरियर लगाए गए हैं और न ही पैराफिट का निर्माण किया गया है। टमाटर और अन्य सब्जियों से लदे वाहन अक्सर इस चढ़ाई वाले मार्ग पर फंस जाते हैं, जिससे कई बार दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं।
लोगों ने यह भी बताया कि नारिगा पुल के समीप स्थित तीखे मोड़ों (कैंचियों) पर भी सुरक्षा के लिए कोई क्रैश बैरियर नहीं लगाया गया है। वाहन चालकों को इन मोड़ों पर अत्यंत सावधानी से वाहन निकालना पड़ता है और भारी वाहनों के लिए यह हिस्सा विशेष रूप से जोखिम भरा बना हुआ है।
ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग और प्रदेश सरकार से सड़क की तत्काल मरम्मत करवाने तथा आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।
लोक निर्माण विभाग जुन्गा के जेई धर्मेंन्द्र कुमार ने बताया कि धनराशि के अभाव में आंजी से पीरन, खालटू तक सड़क के हिस्से को पक्का नहीं किया जा सका । उन्होने बताया कि नारिगा पुल के समीप वाली कैंचियों व ढांक के हिस्से में क्रेश बेरियर लगाने के लिए 30 लाख का ऐस्टिमेट बना कर दो वर्ष पहले सरकार को भेजा है ।
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