जनजातीय सलाहकार परिषद के सदस्य सतीश शर्मा ने अपने पद से दिया इस्तीफा,जानिए वजह
जनजातीय क्षेत्र पांगी में उस समय सियासी पारा अचानक चढ़ गया। जब जनजातीय सलाहकार परिषद के सदस्य सतीश शर्मा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनके इस कदम ने न केवल स्थानीय राजनीति में हलचल पैदा कर दी
यंगवार्ता न्यूज़ - चंबा 24-02-2026
जनजातीय क्षेत्र पांगी में उस समय सियासी पारा अचानक चढ़ गया। जब जनजातीय सलाहकार परिषद के सदस्य सतीश शर्मा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनके इस कदम ने न केवल स्थानीय राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। बल्कि सत्ताधारी दल के भीतर भी कई तरह की चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
बताया जा रहा है कि सतीश शर्मा ने हिमाचल प्रदेश सरकार पर पांगी क्षेत्र में अपेक्षित विकास कार्य न होेने का आरोप लगाते हुए इस्तीफा दिया है। उन्होंने अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि क्षेत्र की उपेक्षा लंबे समय से जारी है और जनजातीय क्षेत्र होने के बावजूद योजनाओं का लाभ धरातल पर नहीं उतर पा रहा है।
सतीश शर्मा ने अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री को ई-मेल के जरिये भेजा है। सतीश शर्मा को पहली मई 2023 को इन दोनों समितियों का सदस्य मनोनीत किया गया था। अपने त्यागपत्र में उन्होंने नियुक्ति के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए लिखा कि पिछले तीन साल में पांगी घाटी में अपेक्षित विकास कार्य धरातल पर नहीं दिखे।
उन्होंने विभिन्न मुद्दों पर गंभीर आपत्तियां दर्ज करवाते हुए स्थिति की जांच की मांग की है। उन्होंने त्यागपत्र में पांगी लोनिवि मंडल में अधिशासी अभियंता का पद पिछले साल वर्षों से रिक्त होने का मुद्दा भी उठाया गया है। सहायक अभियंता को अधिशासी अभियंता की शक्तियां दिए जाने को उन्होंने प्रशासनिक दृष्टि से अनुचित बताया।
इसके अलावा उन्होंने रिक्त पदों व मिनी सचिवालय के लिए 55 लाख रुपये की फर्नीचर खरीद पर भी उन्होंने सवाल उठाए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को भेजे अपने त्यागपत्र में इन चीजों का जिक्र किया है। साथ ही मुख्यमंत्री से उनका त्यागपत्र स्वीकार करने का आग्रह किया है।
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