सरकार की नीतियों का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने की दिशा में किया जाएगा कार्य- ज्ञान सागर नेगी
प्रदेश सरकार की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने की दिशा में प्रभावी तरीके से कार्य किया जाएगा। ये बात 2011 बैच के एचएएस अधिकारी ज्ञान सागर नेगी ने अतिरिक्त जिला दडांधिकारी प्रोटोकाॅल का कार्यभार संभालने के दौरान कही। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन आमजन को बेहतर, पारदर्शी और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
ज्ञान सागर नेगी ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश सरकार की अनेक जनहितकारी योजनाएं समाज के विभिन्न वर्गों के कल्याण के लिए संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं की जानकारी और लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचाना जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि प्रशासन और जनता के बीच बेहतर संवाद स्थापित कर सरकार की नीतियों, कार्यक्रमों और विकास कार्यों को जन-जन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाएगा, ताकि प्रत्येक पात्र नागरिक इनका लाभ उठा सके।
इसके लिए सभी विभागों के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के माध्यम से आपदा की रोकथाम, तैयारी, राहत बचाव और पुर्नवास कार्यों का प्रभावी संचालन किया जाएगा। विशेष आपदा राहत पैकेज के तहत होने वाले कार्यों की समीक्षा समय समय पर की जाएगी। इसके अलावा फील्ड में निरीक्षण भी किया जाएगा। जिला में राजस्व विभाग के कार्यों में तेजी लाने के लिए कार्य किया जाएगा। राजस्व मामलों के निपटारें के लिए लोगों को कार्यालय के चक्कर बार बार न लगाने पड़े। इसको लेकर विशेष रणनीति बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि जिला में सरकारी प्रोटोकाॅल, वीआईपी दौरे और औपचारिक कार्यक्रमों में बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा।
किन्नौर के स्थायी निवासी
जिला किन्नौर के गांव रुष्कलंग डा. ग्याबुंग तहसील पूह के रहने वाले है। मेट्रिक की पढ़ाई हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से उत्तीर्ण करने के बाद जमा दो और बीए आर्नस की पढ़ाई डीएवी चंडीगढ़ से की। दिल्ली स्कूल आॅफ इक्नोमिक्स से मास्टर डिग्री की। इसी दौरान उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा दी। दो बार यूपीएससी की प्रारंभिक शिक्षा उत्तीर्ण की लेकिन मुख्य परीक्षा उत्तीर्ण नहीं सकी। इस दौरान वर्ष 1997 में पहली बार एचएएस की परीक्षा दी और सफलता हासिल की।
तहसीलदार से लेकर एडीएम के पद तक सेवाएं
वर्ष 1997 में एचएएस की परीक्षा उत्तीर्ण की और तहसीलदार के पद पर चयनित हुए। इसके बाद प्रशिक्षण पूर्ण करने के बाद पहली पोस्टिंग तहसीलदार सुन्नी वर्ष 2000 से 2004 तक तक रहे। फिर तहसीलदार रोहड़ू, तहसीलदार शिमला ग्रामीण के पद सेवाएं दी। वर्ष 2007 में जिला राजस्व अधिकारी, शिमला और वर्ष 2008 में जिला राजस्व अधिकारी धर्मशाला के पद पर सेवाएं दी। वर्ष 2011 में पदोन्नति होने के बाद एचएएस कैडर में आए और एसडीएम बैजनाथ तैनात हुए । वर्ष 2013 से 2017 तक एसडीएम शिमला ग्रामीण रहे। इसके बाद वर्ष सितंबर 2019 तक ग्रामीण विकास विभाग में संयुक्त निदेशक कम संयुक्त सचिव के पद पर रहे। सिंतबर 2019 से 2021 तक एडीएम काजा के पद पर सेवाएं दीं। वर्ष 2021 में एक्जीक्यूटिव निदेशक हिमुडा और एमडी हिमफेड का कार्य संभाला। जनवरी 2023 में संयुक्त सचिव और अतिरिक्त सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय के पद सेवाएं दी। 13 मई 2025 से कुलसचिव हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के पद पर तैनात हुए। अभी वर्तमान में एडीएम प्रोटोकाॅल के पद पर नियुक्ति मिली।
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