जनगणना के पहले चरण में अध्यापकों की ड्यूटी से अध्यापक संघ नाराज़, CS और शिक्षा सचिव को दिया ज्ञापन
देश में जनगणना 2027 की शुरुआत हो चुकी है. हिमाचल प्रदेश में भी जनगणना के पहले चरण की शुरुआत हो गई है. लेकिन प्रदेश में शिक्षकों की जनगणना ड्यूटी लगाए जाने को लेकर राजकीय अध्यापक संघ ने कड़ा एतराज जताया है. संघ का कहना है कि एक ओर सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर शिक्षकों को पढ़ाने के लिए पूरा समय नहीं दिया जा रहा.
यंगवार्ता न्यूज शिमला 3 जून, 2026 :
देश में जनगणना 2027 की शुरुआत हो चुकी है. हिमाचल प्रदेश में भी जनगणना के पहले चरण की शुरुआत हो गई है. लेकिन प्रदेश में शिक्षकों की जनगणना ड्यूटी लगाए जाने को लेकर राजकीय अध्यापक संघ ने कड़ा एतराज जताया है. संघ का कहना है कि एक ओर सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर शिक्षकों को पढ़ाने के लिए पूरा समय नहीं दिया जा रहा.
राजकीय अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने इस संबंध में मुख्य सचिव और शिक्षा सचिव को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में मांग की गई है कि शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाने की बजाय उन्हें शिक्षण कार्य के लिए पर्याप्त समय दिया जाए। उन्होंने कहा कि जनगणना कार्य के लिए प्रमुख विषयों के अध्यापकों की भी ड्यूटी लगा दी गई है। इससे स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका है। संघ ने कहा कि हाल ही में शिक्षकों ने चुनाव ड्यूटी भी निभाई थी और अब उन्हें जनगणना कार्य में लगाया गया है।
वीरेंद्र चौहान ने कहा कि कई स्कूलों में स्थिति यह है कि 15 सदस्यों वाले स्टाफ में से 8 से अधिक शिक्षकों की जनगणना ड्यूटी लगा दी गई है। ऐसे में स्कूलों में नियमित शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से राहत दी जाए, ताकि वे पूरी तरह शिक्षण कार्य पर ध्यान केंद्रित कर सकें और विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
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