चार राज्यों में फैले अंतर्राज्यीय नशा नेटवर्क का पर्दाफाश , मोहाली और चंडीगढ़ से मुख्य सरगना गिरफ्तार

हिमाचल प्रदेश में नशा तस्करों के खिलाफ शिमला पुलिस का महाअभियान लगातार जारी है। पुलिस अब केवल नशे की खेप पकड़ने तक सीमित नहीं है , बल्कि बैकवर्ड लिंकेज की गहराई से जांच कर पूरे ड्रग सप्लाई नेटवर्क को जड़ से उखाड़ने में जुटी है। इसी कड़ी में शिमला पुलिस को दो अलग-अलग मामलों में बड़ी सफलता मिली है, जिसमें हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और चंडीगढ़ तक फैले एक बड़े संगठित ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया गया है

Jul 18, 2026 - 19:17
Jul 18, 2026 - 19:34
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चार राज्यों में फैले अंतर्राज्यीय नशा नेटवर्क का पर्दाफाश , मोहाली और चंडीगढ़ से मुख्य सरगना गिरफ्तार


​यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला  18-07-2026


हिमाचल प्रदेश में नशा तस्करों के खिलाफ शिमला पुलिस का महाअभियान लगातार जारी है। पुलिस अब केवल नशे की खेप पकड़ने तक सीमित नहीं है , बल्कि बैकवर्ड लिंकेज की गहराई से जांच कर पूरे ड्रग सप्लाई नेटवर्क को जड़ से उखाड़ने में जुटी है। इसी कड़ी में शिमला पुलिस को दो अलग-अलग मामलों में बड़ी सफलता मिली है, जिसमें हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और चंडीगढ़ तक फैले एक बड़े संगठित ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया गया है। एएसपी मेहर पंवर ने बताया कि इस नेटवर्क की शुरुआत 15 मार्च 2026 को हुई , जब पुलिस थाना रोहड़ू की टीम ने गश्त के दौरान सार्थक सूद नाम के युवक को 9 ग्राम चिट्टे (हेरोइन) के साथ गिरफ्तार किया। 

पुलिस ने जब इस मामले की वैज्ञानिक और तकनीकी जांच शुरू की, तो मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), व्हाट्सएप चैट और बैंक खातों के विश्लेषण से एक बड़े अंतर्राज्यीय नेटवर्क का खुलासा हुआ। उन्होंने कहा कि इस जांच के आधार पर पुलिस ने पहले उत्तर प्रदेश से अमित गुप्ता को गिरफ्तार किया। डिजिटल साक्ष्यों से पता चला कि अमित गुप्ता, राजस्थान के चूरू निवासी वासु उर्फ हर्ष सिंघानिया के साथ मिलकर इस सिंडिकेट को चला रहा था। पुलिस ने लगातार पीछा करते हुए 15 जुलाई 2026 को मुख्य सरगना वासु उर्फ हर्ष सिंघानिया को चंडीगढ़ से धर दबोचा। वित्तीय जांच में सामने आया कि आरोपी वासु के खाते में पिछले 6 महीनों में 14 लाख रुपये से अधिक का संदिग्ध लेनदेन हुआ था , जबकि उसकी आय का कोई वैध जरिया नहीं था। इस मामले में अब तक तीन गिरफ्तारियां हो चुकी है और पुलिस अवैध संपत्तियों को फ्रीज करने की कानूनी कार्रवाई कर रही है। 

इसके साथ ही ASP मेहर पंवर ने कहा कि दूसरा मामला पुलिस थाना कोटखाई का है, जहां 3 जुलाई 2026 को हुल्ली क्षेत्र में नाकाबंदी के दौरान एक गाड़ी से 64 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया था। इस मामले में रक्षित चौहान, राहुल शर्मा और लवली शर्मा को गिरफ्तार किया गया था। आरोपियों के फोन और डिजिटल साक्ष्यों की जांच में सामने आया कि यह चिट्टा मोहाली (पंजाब) में बैठे सप्लायर अमित महेव से खरीदा गया था। ​आरोपी अमित महेव गिरफ्तारी से बचने के लिए अपना मोबाइल फोन बंद कर लगातार ठिकाने बदल रहा था। लेकिन शिमला पुलिस की विशेष टीम ने तकनीकी निगरानी और डिजिटल इनपुट के आधार पर 18 जुलाई 2026 को मोहाली में जाल बिछाकर उसे धर दबोचा।
 

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