प्रदेश के सभी किसान परिवारों को मिले पांच बीघा भूमि , हिमाचल किसान सभा की 29 सदस्यीय कमेटी गठित

हिमाचल किसान सभा जिला सिरमौर का 11वां जिला सम्मेलन सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। सम्मेलन का उद्घाटन राज्य अध्यक्ष डॉ. कुलदीप सिंह तंवर ने किया। इस अवसर पर माकपा नेता ,पूर्व विधायक और हिमाचल किसान सभा के राज्य महासचिव राकेश सिंघा ने प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए संगठित संघर्ष को तेज करना आवश्यक है। जिला महासचिव राजेंद्र ठाकुर ने पिछले तीन वर्षों की संगठनात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत की। सम्मेलन में नई जिला कार्यकारिणी का गठन किया गया

Mar 1, 2026 - 18:45
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प्रदेश के सभी किसान परिवारों को मिले पांच बीघा भूमि , हिमाचल किसान सभा की 29 सदस्यीय कमेटी गठित
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 यंगवार्ता न्यूज़ - नाहन  01-03-2026

हिमाचल किसान सभा जिला सिरमौर का 11वां जिला सम्मेलन सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। सम्मेलन का उद्घाटन राज्य अध्यक्ष डॉ. कुलदीप सिंह तंवर ने किया। इस अवसर पर माकपा नेता ,पूर्व विधायक और हिमाचल किसान सभा के राज्य महासचिव राकेश सिंघा ने प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए संगठित संघर्ष को तेज करना आवश्यक है। जिला महासचिव राजेंद्र ठाकुर ने पिछले तीन वर्षों की संगठनात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत की। सम्मेलन में नई जिला कार्यकारिणी का गठन किया गया , जिनमे 29 सदस्यीय नई जिला कमेटी का गठन किया गया। 
राजेंद्र ठाकुर को अध्यक्ष , धनीराम शर्मा को महासचिव और राम सिंह वालिया को कोषाध्यक्ष चुना गया। उपाध्यक्ष के रूप में सतपाल मान , जीवन सिंह , गुरविंद्र सिंह , रविंदर चौहान और दिनेश शर्मा चुने गए। सह सचिव के रूप में नैन सिंह , सनी कुमार , श्रवण सिंह और अभय धामटा को जिम्मेदारी सौंपी गई। कमेटी सदस्यों में जगदीश पुंडीर , बलदेव सिंह , सुरेंद्र रजनीश , काबलदीन, गौरव , रामकुमार , रामलाल , सुंदर सिंह , बिशन सिंह सहित अन्य साथियों को सदस्य चुना गया। सम्मेलन में सभी किसान परिवारों को 5 बीघा भूमि देने की मांग की गई। 
सम्मेलन को संबोधित करते हुए नेताओं ने मांग की कि सभी किसान परिवारों को न्यूनतम 5 बीघा भूमि उपलब्ध करवाई जाए। नए बिजली बिल व स्मार्ट मीटर नीति को वापस लिया जाए , मनरेगा कानून को बहाल किया जाए , राजस्व अनुदान (RDG) को प्रदेश हित में पुनः लागू किया जाए। फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) कानूनी रूप से सुनिश्चित किया जाए , छोटे किसानों के कृषि ऋण माफ किए जाएं तथा सांप्रदायिकता के खिलाफ संघर्ष को तेज किया जाए। सम्मेलन ने निर्णय लिया कि इन मांगों को लेकर जिला स्तर पर व्यापक जन आंदोलन चलाया  जाएगा। 
 

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