मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के अंतर्गत सभी बच्चों के बनाये जायेंगे स्वास्थ्य कार्ड : उपायुक्त 

उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में आज यहाँ जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति तथा मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना की समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में जिला स्तर पर बाल कल्याण एवं संरक्षण से संबंधित गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा की

Jul 8, 2025 - 16:02
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मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के अंतर्गत सभी बच्चों के बनाये जायेंगे स्वास्थ्य कार्ड : उपायुक्त 
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यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला     08-07-2025

उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में आज यहाँ जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति तथा मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना की समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में जिला स्तर पर बाल कल्याण एवं संरक्षण से संबंधित गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा की गई तथा बच्चों के समग्र विकास और सुरक्षा को सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक में उपायुक्त ने कहा कि मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के अंतर्गत बच्चों को बेहतर जीवन, सुरक्षा, शिक्षा एवं पुनर्वास की सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि योजना से जुड़े सभी लाभार्थियों की नियमित रूप से निगरानी की जाए और बच्चों की जरूरतों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।

जिला दंडाधिकारी ने कहा कि जिला शिमला के बाल देखभाल संस्थान में रह रहे सभी बच्चों के स्वास्थ्य कार्ड बनाए जाएंगे ताकि बीमार होने की स्थिति में उन बच्चों के स्वास्थ्य की सही से देख रेख हो सके। उन्होंने कहा कि इन बच्चों के स्वास्थ्य कार्ड बनाने के लिए औपचारिकताओं को पूरा कर सभी के स्वास्थ्य कार्ड बनाये जायेंगे।  

उन्होंने कहा कि बाल देखभाल संस्थान में रह रहे सभी बच्चों की व्यक्तिगत फाइल बनाई जाएँगी जिसमे उनका सारा रिकॉर्ड रखा जाएगा। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को समय समय पर उसका अद्यतन करने के निर्देश दिए। जनवरी 2025 से अभी तक कुल 10 बच्चों को दत्तक माता पिता को सौंपा गया है। 2 जनवरी से 14 जनवरी तक शैक्षणिक भ्रमण गोवा, दिल्ली आगरा, चंडीगढ़ बाल आश्रम टूटीकंडी और बालिका आश्रम मशोबरा के बच्चों के लिए करवाया गया। 

रोहड़ू के बाल आश्रम मसली 25 लाख रूपए की लागत से मरम्मत कार्य चला हुआ है।  ओवर्जवेशन होम हीरानगर में अतिरिक्त भवन निमार्ण कार्य शीघ्र आरंभ होगा। अभी तक यहां पर 18 जून को निशानदेही का कार्य पूरा किया जा चुका है। मिशन वात्सल्य के तहत जिला शिमला में 9 बाल बालिका आश्रम कम चिल्ड्रन होम है। इसके अलावा  एक स्पेशल एडॉप्शन एजेंसी और एक ओवर्जवेशन होम है। इनमें  399 बच्चे रह रहें है। 

यहां पर रहने वाले बच्चों के प्रधान मंत्री जन आरोग्य योजना के तहत कार्ड बनाए जा रहें है।  विभाग की ओर से अभी तक 244 सामाजिक जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की गई है।  इसके अलावा 389 निजी केयर प्लान का रिकॉर्ड रखा गया है। बच्चों को वस्त्र, बिस्तर, खाद्य वस्तुएं निरंतर आवश्यकता के अनुसार मुहैया करवाई जा रही हैं। साथ ही साथ भोजन भी निर्धारित मानकों के अनुरूप मुहैया करवाया जाता है। 

सीसीआई चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूट में साफ पेयजल आरओ के माध्यम से दिया जा रहा है । वहीं बच्चों के लिए कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया जाता है जिनमें ब्यूटी पार्लर, साफट टाॅय, फ्रंट ऑफिस, बेकरी, कंप्यूटर सॉफ्टवेयर एंड हार्डवेयर और आर्ट एंड क्राफ्ट का प्रशिक्षण दिया जा चुका है।    212 कौशल विकास प्रशिक्षण के तहत प्रशिक्षित किया जा चुका है।  

उपायुक्त ने कहा कि इसके अतिरिक्त बच्चों को अग्रणी जिला महाप्रबंधक के माध्यम से भी प्रशिक्षण प्रदान करवाया जाएगा।   सीसीआई में काउंसलिंग सेशन भी आयोजित किए जाते है। 21 जून को योग दिवस पर सभी सीसीआई में कार्यक्रम आयोजित किए गए। स्पॉन्सरशिप असिस्टेंट फॉर चिल्ड्रन योजना के तहत 35 बच्चों को लाभ दिया गया है। जनवरी से जून 2025 तक सीसीआई में 101 नए एडमिशन हुए है।  

मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत आउटसाइड 336 लाभार्थी है।  इनमें से 281 को  करीब एक करोड़ रूपये वित्तीय सहायता मुहैया करवाई जा चुकी है। जबकि सीसीआई में 292 लाभार्थी उन्हें करीब 33 लाख की वित्तीय सहायता मुहैया करवाई गई है। त्यौहार मनाने के लिए चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट को 2 लाख 71 हजार जारी किए गए हैं। शादी के लिए चार मामलों में 75 हजार रुपये जारी किए हैं।  वहीं 18 मामलों में घर निर्माण के लिए 17 लाख रूपए जारी किए है।  मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत अभी तक एक करोड़ 63 लाख चालीस हजार 494 रूपये की वित्तीय सहायता की गई हैै।

आफटर केयर स्कीम के तहत 32 बच्चों को लाभ मिला है।  इसमें 12 लड़के और 20 लड़कियां शामिल है। 8 लड़के लड़कियों ने इलेक्ट्रशियन, फिटर, मोटर मेक्निक, कम्पयूटर आॅपरेटिंग एंड प्रोग्रामिंग अस्सिटेंट, फूड एंड बीवेरज कोर्स आईटीआई जुब्बल, रामपुर, चैपाल, शिमला और प्रगतिनगर गुम्मा से किया है। 

इसके अलावा 18 लड़के लड़कियों ने बीएससी, बीए, बीकाॅम एंड बीवाॅक कोर्स आरकेएमवी, रोहड़ू, धामी, नेरवा, संजौली, कोटशेरा काॅलेज से किए हैं। 2 लड़कों ने  आईएचएम कुफरी से होटल मेनैजमेंट डिप्लोमा किया है।  4 लड़कियां मशोबरा स्कूल में पढ़ रही है।

इस अवसर पर अध्यक्ष जिला बाल कल्याण समिति शिमला संतोष शर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग ममता पॉल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। 
 

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