7 अगस्त तक सड़क सुधार शुरू नहीं हुआ तो जनता के साथ सड़क पर उतरेंगे: सुखराम चौधरी
पांवटा साहिब के विधायक एवं हिमाचल प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री सुखराम चौधरी ने आज आयोजित प्रेस वार्ता में विधानसभा क्षेत्र की जर्जर सड़कों, आपदा राहत में प्रदेश सरकार की उदासीनता तथा विकास कार्यों में हो रही देरी को लेकर प्रदेश सरकार और लोक निर्माण विभाग पर गंभीर सवाल उठाए।
यंगवार्ता न्यूज - पांवटा साहिब 31 जुलाई, 2026 :
पांवटा साहिब के विधायक एवं हिमाचल प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री सुखराम चौधरी ने आज आयोजित प्रेस वार्ता में विधानसभा क्षेत्र की जर्जर सड़कों, आपदा राहत में प्रदेश सरकार की उदासीनता तथा विकास कार्यों में हो रही देरी को लेकर प्रदेश सरकार और लोक निर्माण विभाग पर गंभीर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि देवीनगर–रामपुरघाट–नवादा, बद्रीपुर–जमनीवाला–परदूनी, भगानी चौक–गोजर–डाकपत्थर, पुरुवाला–अम्बोआ–राजपुर सहित समस्त आंजभोज क्षेत्र की सड़कें अत्यंत जर्जर अवस्था में हैं। इन मार्गों पर प्रतिदिन हजारों लोग आवागमन करते हैं, लेकिन लंबे समय से इनके रखरखाव की ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया। जगह-जगह बने गड्ढों के कारण दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है तथा आम जनता, किसानों, विद्यार्थियों और व्यापारियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सुखराम चौधरी ने कहा कि उन्होंने पांवटा विधानसभा क्षेत्र की सड़कों की बदहाल स्थिति का मुद्दा विधानसभा में अब तक 25 बार उठाया है, लेकिन प्रदेश सरकार और संबंधित विभाग ने आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अब तक औपचारिक रूप से पांवटा साहिब के दौरे पर नहीं आए हैं। विधानसभा के दौरान जब उन्होंने इन सड़कों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया, तब मुख्यमंत्री ने स्वयं उन्हें आश्वासन दिया था कि इन सड़कों के सुधार के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। दुर्भाग्यवश आज तक यह आश्वासन केवल आश्वासन ही बनकर रह गया है और क्षेत्र की जनता बदहाल सड़कों पर चलने को मजबूर है।
उन्होंने बताया कि उनके निरंतर प्रयासों से डीएमएफटी (DMFT) के तहत देवीनगर सड़क के लिए 20 लाख रुपये तथा भगानी सड़क के लिए 20 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार और संबंधित विभाग से मांग की कि इन स्वीकृत धनराशियों का उपयोग करते हुए कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाए ताकि जनता को राहत मिल सके।
सुखराम चौधरी ने कहा कि लोक निर्माण मंत्री पिछले वर्ष 15 अगस्त को पांवटा साहिब आए थे। लगभग एक वर्ष पूरा होने वाला है, लेकिन आज तक इन सड़कों की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। इससे स्पष्ट है कि सरकार और विभाग जनता की समस्याओं के समाधान के प्रति गंभीर नहीं हैं।
उन्होंने पिछले वर्ष आई प्राकृतिक आपदा का उल्लेख करते हुए कहा कि भारी वर्षा एवं नदियों-नालों में आए उफान से पांवटा विधानसभा क्षेत्र में लगभग 20 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था, लेकिन प्रदेश सरकार ने राहत के नाम पर केवल 1.5 करोड़ रुपये ही उपलब्ध करवाए, जो वास्तविक नुकसान की तुलना में अत्यंत कम है।
उन्होंने कहा कि सरकार से अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने के बावजूद उन्होंने अपनी विधायक निधि से 40 लाख रुपये भगानी क्षेत्र में चैनलाइजेशन तथा पेयजल योजना शुरू करवाने के लिए उपलब्ध कराए, ताकि भविष्य में बरसात के दौरान लोगों को राहत मिल सके और क्षेत्र में स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
अंत में सुखराम चौधरी ने प्रदेश सरकार एवं लोक निर्माण विभाग को स्पष्ट अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि 7 अगस्त तक इन सभी सड़कों के सुधार का कार्य प्रारंभ नहीं किया गया, तो वे जनता के साथ सड़कों पर उतरकर लोकतांत्रिक आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रदेश सरकार और संबंधित विभाग की होगी।
उन्होंने कहा कि पांवटा साहिब की जनता के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। क्षेत्र के विकास, बेहतर सड़क सुविधाओं तथा जनहित के प्रत्येक मुद्दे पर उनका संघर्ष आगे भी पूरी मजबूती के साथ जारी रहेगा।
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