आचार संहिता के बीच ‘हरी झंडी’ का दिखावा—कांग्रेस सरकार चुनाव को प्रभावित करने में जुटी”: भाजपा पार्षद

भाजपा नगर निगम पार्षद एवं महिला मोर्चा प्रदेश सचिव ने शिमला में कचरा उठाने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को हरी झंडी दिखाने की खबर पर कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश में चुनाव आचार संहिता लागू होने के बावजूद मुख्यमंत्री और उनके सहयोगी केवल दिखावे और प्रचार में व्यस्त हैं।

May 5, 2026 - 19:40
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आचार संहिता के बीच ‘हरी झंडी’ का दिखावा—कांग्रेस सरकार चुनाव को प्रभावित करने में जुटी”: भाजपा पार्षद
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शिमला, 5 मई  2026:


भाजपा नगर निगम पार्षद एवं महिला मोर्चा प्रदेश सचिव ने शिमला में कचरा उठाने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को हरी झंडी दिखाने की खबर पर कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश में चुनाव आचार संहिता लागू होने के बावजूद मुख्यमंत्री और उनके सहयोगी केवल दिखावे और प्रचार में व्यस्त हैं।


उन्होंने कहा कि “जब पूरे प्रदेश में चुनाव आचार संहिता लागू है, तब मुख्यमंत्री द्वारा इस प्रकार के कार्यक्रम करना सीधे तौर पर चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश है।” उन्होंने चुनाव आयोग से मांग करते हुए कहा कि इस पूरे मामले का संज्ञान लिया जाए और यह जांच की जाए कि कहीं सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग तो नहीं हो रहा है।


भाजपा पार्षद ने कहा कि जिस योजना को बड़े प्रचार के साथ लॉन्च किया गया, उसकी सच्चाई पहले ही दिन सामने आ गई है।
“इलेक्ट्रिक वाहन सड़क पर चलते-चलते बंद हो गए, धक्के लगाने पड़े—यह कांग्रेस सरकार की ‘दिखावे की राजनीति’ का सबसे बड़ा उदाहरण है,” उन्होंने कहा।

उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये खर्च कर लाई गई ये गाड़ियां न तो तकनीकी रूप से तैयार हैं और न ही इनके संचालन की कोई ठोस व्यवस्था दिखाई देती है। “जनता के पैसे से प्रयोग किए जा रहे हैं और फिर कैमरों के सामने इसे उपलब्धि बताया जा रहा है,” उन्होंने आरोप लगाया।


भाजपा महिला मोर्चा प्रदेश सचिव ने कहा कि “कांग्रेस सरकार जमीनी काम करने में पूरी तरह विफल रही है, इसलिए अब केवल फोटो-ऑप और हरी झंडी दिखाकर जनता को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है।”

उन्होंने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि “प्रदेश में बेरोजगारी, महंगाई और महिलाओं से किए वादों जैसे गंभीर मुद्दों पर सरकार चुप है, लेकिन प्रचार के लिए समय निकाल लिया जाता है।” उन्होंने कहा कि “यह केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि चुनावी लाभ लेने की सोची-समझी रणनीति है।”

उन्होंने कड़ा संदेश देते हुए कहा:“चुनाव आयोग को इस पूरे मामले में तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए, क्योंकि इस तरह की गतिविधियां निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती हैं। जनता अब इस दिखावे की राजनीति को समझ चुकी है और आने वाले चुनावों में कांग्रेस को इसका जवाब देगी।”

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