रोहड़ू क्षेत्र में होने वाले भुंडा महायज्ञ की तैयारी में जुटे ग्रामीण , 1500 परिवार करेंगे एक लाख मेहमानों की मेजबानी

शिमला जिला के रोहड़ू क्षेत्र में दो जनवरी से आयोजित होने वाले ऐतिहासिक भुंडा महायज्ञ के लिए लोगों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। अनुमान है कि इस बार महायज्ञ में एक लाख से अधिक लोग पहुंचेंगे। भुंडा महायज्ञ की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लोग कई साल पहले ही इस महायज्ञ की तैयारी करने में जुट जाते हैं। इसमें लोग अपने घरों , बिस्तरों से लेकर तमाम तरह के प्रबंध पर खुशी से लाखों रुपए खर्च करते हैं, ताकि उनकी मेजबानी में कोई कमी न आए

Dec 28, 2024 - 18:41
Dec 28, 2024 - 19:54
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रोहड़ू क्षेत्र में होने वाले भुंडा महायज्ञ की तैयारी में जुटे ग्रामीण , 1500 परिवार करेंगे एक लाख मेहमानों की मेजबानी
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यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला  28-12-2024

शिमला जिला के रोहड़ू क्षेत्र में दो जनवरी से आयोजित होने वाले ऐतिहासिक भुंडा महायज्ञ के लिए लोगों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। अनुमान है कि इस बार महायज्ञ में एक लाख से अधिक लोग पहुंचेंगे। भुंडा महायज्ञ की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लोग कई साल पहले ही इस महायज्ञ की तैयारी करने में जुट जाते हैं। इसमें लोग अपने घरों , बिस्तरों से लेकर तमाम तरह के प्रबंध पर खुशी से लाखों रुपए खर्च करते हैं, ताकि उनकी मेजबानी में कोई कमी न आए। मंदिर कमेटी दलगांव बकारालू देवता के पूर्व में कारदार रहे बलबीर सिंह बांश्टू ने बताया कि जिस आदमी के पास लोगों के रहने के लिए मात्र आठ या दस कमरे थे, इस महायज्ञ की तैयारी में उसने भी अब 10 और अतिरिक्त कमरे बना दिए हैं। 
इस महायज्ञ में जिन गांवों के लोग मेजबान होने वाले है, उनमें भमनाला, करालश, खोड़सू, दयारमोली, बश्टाड़ी, गावणा, बठारा, कुटाड़ा , खशकंडी, दलगांव व भ्रेटली शामिल हैं। इन 11 गांवों में 1500 के करीब परिवार रहते हैं। लोगों की आवभगत में ही लाखों रुपए का खर्च आने का अनुमान लगाया है। लोगों ने अपनी हैसियत को देखकर किसी शादी समारोह की तर्ज पर टेंट और डीजे भी घरों पर लगा दिए हैं। यहां तक कि कुछ लोगों ने तो स्टार नाइट तक अपने घरों में रखी है। चार दिन तक चलने वाले भुंडा महायज्ञ में लोगों को किसी तरह से खाने की समस्या का सामना न करना पड़े, इसके लिए मंदिर परिसर में सुबह 10 बजे से लेकर सायं छह बजे तक बकरालू देवता साहिब की ओर से भंडारा रहेगा। जिस दिन मुख्यमंत्री आएंगे, उस दिन एक और अतिरिक्त भंडारा भी रखा गया है। 
इसके अलावा कमेटी के सदस्यों के लिए भी अलग से भंडारा रहेगा। बारिश और बर्फबारी ने बढ़ाई चिंता रोहडू के दलगांव में इन दिनों भुंडा महायज्ञ को लेकर चारों ओर चर्चाओं का बाजार गर्म है। हर तरफ लोगों की ओर से यही दुआ की जा रही है कि किसी तरह से चार दिन के दौरान बर्फबारी और बारिश न हो। यदि ऐसा होता है, तो परेशानी हो सकती है। मौजूदा समय में मेजबान बकरालू कमेटी की ओर से देवलुओं को टेंंट देने की प्रक्रिया चल रही है। इसमें मंदिर कमेटी के मुताबिक देवता बकरालू मंदिर परिसर व साथ लगते क्षेत्रों में देवलुओं के 50 के करीब टेंट लग रहे हैं। इनमें भी सबसे अधिक टेंट देवता बोंद्रा साहिब के देवलुओं के होंगे। उनके साथ 10 हजार लोग साथ आएंगे, जिनमें कई लोग टेंट में ही रहेंगे और लोगों को धाम भी खिलाएंगे। 
इसमें खाने की सामग्री मंदिर कमेटी की ओर से टेंट तक पहुंचाने का खास प्रबंध होगा। मंदिर कमेटी दलगांव के मोहत मीन रघुनाथ झामटा ने बताया कि दलगांव में जिस बरत या रस्सी पर बेड़ा पड़ेगा, उस रस्सी को बांधने के लिए एक ही परिवार के किसी सदस्य के रस्सी बांधने की रीत रहती है। ये विशेष परिवार कई भुंडा महायज्ञ में बेड़ा के लिए रस्सी बांधते हैं। जो परिवार स्पैल में रस्सी बांधेगा , वह परिवार देवता बौंद्रा के क्षेत्र में रहता है , जो बजरेट कोटी का है। इस रीत को निभाने के लिए परिवार के सदस्य को मंदिर कमेटी के की तरफ से विशेष पारितोषिक नकद राशि भी जाती है। बंच्छूछ में आयोजित हुए भुंडा महायज्ञ की रस्सी को भी इसी परिवार के सदस्य मेशू ने बांधा थी। उन्हें यह रस्सी बांधने का परिवार में विशेष प्रशिक्षण भी प्राप्त होता है।

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