चालू वित्त वर्ष में टैक्स और शुल्क से इस बार 2720 करोड़ अधिक कमाएगी सरकार , भू-राजस्व से 1019 करोड़ जुटाने का लक्ष्य

हिमाचल सरकार चालू वित्त वर्ष में टैक्स और शुल्क इत्यादि से 2720 करोड़ ज्यादा कमाएगी। बजट में तय किए गए लक्ष्य के अनुसार भू-राजस्व से ही इस बार 1000 करोड़ ज्यादा कमाने का टारगेट है। वित्त वर्ष 2024-25 में सिर्फ 17 करोड़ भू-राजस्व सरकार ने इक_ा किया था, लेकिन नए साल में 1019 करोड़ भू-राजस्व कलेक्ट किया जाएगा। इसके लिए उस जमीन पर लैंड रेवेन्यू नए सिरे से तय किया जाएगा, जिसे गैर कृषि इस्तेमाल के लिए डाइवर्ट किया गया है

Apr 3, 2025 - 18:14
Apr 3, 2025 - 18:36
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चालू वित्त वर्ष में टैक्स और शुल्क से इस बार 2720 करोड़ अधिक कमाएगी सरकार , भू-राजस्व से 1019 करोड़ जुटाने का लक्ष्य
यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला  03-04-2025

हिमाचल सरकार चालू वित्त वर्ष में टैक्स और शुल्क इत्यादि से 2720 करोड़ ज्यादा कमाएगी। बजट में तय किए गए लक्ष्य के अनुसार भू-राजस्व से ही इस बार 1000 करोड़ ज्यादा कमाने का टारगेट है। वित्त वर्ष 2024-25 में सिर्फ 17 करोड़ भू-राजस्व सरकार ने इक_ा किया था, लेकिन नए साल में 1019 करोड़ भू-राजस्व कलेक्ट किया जाएगा। इसके लिए उस जमीन पर लैंड रेवेन्यू नए सिरे से तय किया जाएगा, जिसे गैर कृषि इस्तेमाल के लिए डाइवर्ट किया गया है। 
इसलिए बिजली परियोजनाओं के अलावा टूरिज्म प्रोजेक्ट या उद्योगों से भी लैंड रेवेन्यू की वसूली हो सकती है। राज्य सरकार ने इस बारे में विधानसभा से एक बिल पारित करके नोटिफाई कर दिया है और अब इसे राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेजा जा रहा है। यह पता बाद में चलेगा कि राज्य सरकार किससे और कितना लैंड रेवेन्यू वसूल करेगी? विधानसभा में पारित किए गए विधेयक में इसे औसत बाजार मूल्य का चार फीसदी अधिकतम रखा गया है। 
पिछले वित्त वर्ष में राज्य सरकार ने अपने बजट में 1000 करोड़ का जल उपकर यानी वाटर सेस एकत्र करने का लक्ष्य रखा था, लेकिन हाई कोर्ट ने उस अधिनियम को ही रद्द कर दिया था। इसलिए यह कलेक्शन नहीं हो पाई। इस वित्त वर्ष में जीएसटी में भी राज्य सरकार ने 750 करोड़ बढ़ोतरी का टारगेट रखा है। वैल्यू एडेड टैक्स यानी वैट में भी 250 करोड़ की वृद्धि दर्शाई गई है। पिछले वर्ष सरकार की राजस्व प्राप्तियां 13,526 करोड़ थी, जिन्हें अब बढ़ाकर 16,101 करोड़ तय किया गया है। 
हालांकि यदि इसमें गैर कर राजस्व को भी जोड़ दिया जाए, तो 4190 करोड़ और जुड़ेंगे। इस तरह से सरकार की कुल रेवेन्यू रिसिप्ट 20,291 करोड़ हो जाएगी। हालांकि इससे भी घाटा पूरा होने वाला नहीं है, क्योंकि सिर्फ कर्मचारियों के वेतन और पेंशन पर ही 26,295 करोड नए वित्त वर्ष में खर्च होंगे। सरकार का कुल बजट इस बार 58,514 करोड़ है, जिसमें 6390 करोड़ राजस्व घाटा है।

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