नाहन के राघव तोमर ने दुनिया की सबसे ऊंची मोटरेबल सडक़ पर गाड़ा कामयाबी का झंडा
दुनिया की सबसे ऊंची मोटरेबल सडक़ 19,024 फुट की ऊंचाई पर नाहन के बेटे राघव तोमर ने बर्फ, तूफ़ान और खून जमा देने वाली ठंड को चीरते हुए उमलिंग ला पास तक पहुंचकर नया इतिहास रचा है। नाहन के युवा राघव तोमर ने अपने तीन साथियों के साथ कठिन परिस्थितियों के बावजूद युवाओं के लिए फिटनेस और आत्मविश्वास का प्रेरणादायक संदेश दिया।
गौर हो कि दुनिया की सबसे ऊंची मोटरेबल सडक़ उमलिंग ला पास करीब 19,024 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यहां पर ऑक्सीजन सामान्य से लगभग आधी रहती है और तापमान ऐसा कि कुछ मिनट खड़े रहना भी मुश्किल हो जाए, लेकिन इन तमाम चुनौतियों के बीच नाहन के राघव तोमर ने अपने दोस्तों श्रीयम केसरवानी, कुशाग्र मिश्रा और कुणाल गर्ग के साथ इस ऐतिहासिक सफर को पूरा कर दिखाया। इस उपलब्धि के लिए उन्हें विशेष प्रमाण पत्र भी प्रदान किया गया है।
उमलिंग लॉ सिर्फ एक सडक़ नहीं, बल्कि दुनिया के सबसे कठिन एडवेंचर रूट्स में गिनी जाती है। लद्दाख के दुर्गम क्षेत्र में भारत-चीन सीमा के समीप स्थित यह रास्ता बड़े-बड़े साहसी लोगों की भी परीक्षा लेता है। यहां शरीर से ज्यादा मानसिक ताकत की जरूरत पड़ती है। राघव तोमर ने बताया कि इस सफर के पीछे लगातार की गई फिटनेस ट्रेनिंग और मजबूत मानसिक तैयारी सबसे बड़ा कारण रही। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में शरीर नहीं, आपका आत्मविश्वास काम आता है। नाहन निवासी रोड सेफ़्टी कलब के पूर्व अध्यक्ष व नाहन नगर परिषद की नवनिर्चित पार्षद पूजा तोमर के पुत्र राघव तोमर के इस कार्य से बेहद उत्साहित व खुश हैं। राघव तोमर ने साहस और फिटनेस की नई पहचान बनाकर युवाओं के सामने एक प्रेरणा पेश की है।
What's Your Reaction?



