उपलब्धि : भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर बने ऊना के अनुभव परमार

प्रदेश के जिला ऊना के गगरेट उपमंडल के कुनेरन गांव के अनुभव परमार एयरफोर्स में फ्लाइंग ऑफिसर बने है। बेंगलुरु में आयोजित पासिंग आउट परेड के उपरांत अनुभव परमार विधिवत रूप से भारतीय वायुसेना का हिस्सा बने

Jun 2, 2024 - 10:22
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उपलब्धि : भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर बने ऊना के अनुभव परमार

यंगवार्ता न्यूज़ - ऊना    02-06-2024

प्रदेश के जिला ऊना के गगरेट उपमंडल के कुनेरन गांव के अनुभव परमार एयरफोर्स में फ्लाइंग ऑफिसर बने है। बेंगलुरु में आयोजित पासिंग आउट परेड के उपरांत अनुभव परमार विधिवत रूप से भारतीय वायुसेना का हिस्सा बने।

पासिंग आउट परेड के गवाह अनुभव परमार के पिता विनोद परमार, माता सुनीता परमार व बहन साक्षी परमार भी बने। उन्होंने फ्लाइंग ऑफिसर अनुभव परमार के कंधों पर स्टार लगाए। अनुभव के पिता विनोद परमार सेना की सिग्नल कोर से सेवानिवृत होने के उपरांत अब राजस्व विभाग में सेवारत है, जबकि माता सुनीता गृहिणी है।

अनुभव परमार के परिवार की तीसरी पीढ़ी सेना में सेवाएं देने जा रही है। अनुभव परमार ने 10वीं की शिक्षा वर्ष 2015 में शांति इंटरनेशनल स्कूल कैलाश नगर नकड़ोह, जमा दो की शिक्षा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला घनारी से मार्च 2017 में पास की है। 

इसके उपरांत हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय प्रौद्योगिकी संस्थान शिमला से सूचना प्रौद्योगिकी में बीटेक की। 2022 में अनुभव परमार एयरफोर्स कामन एडमिशन टेस्ट में देश भर में मेरिट में दूसरा स्थान हासिल करके इंडियन एयरफोर्स में शामिल हुए। 

इस चयन के उपरांत 6 माह का प्रशिक्षण भारतीय वायु सेना अकादमी डुंडीगल हैदराबाद व एक वर्ष का तकनीकी प्रशिक्षण वायु सेना तकनीकी कॉलेज बेंगलुरु से हासिल किया। भारतीय वायुसेना से पास आउट हुए अनुभव परमार क्षेत्र से पहले वायु सेना के ऑफिसर बने है। 

अनुभव ने कड़ी मेहनत से अपने बचपन का सपना पूरा कर अपने दादा स्व. कैप्टन मेहर सिंह परमार, दादी सुमित्रा देवी, नाना स्व. संसार चंद जरियाल, नानी कमला देवी व अपने माता-पिता का नाम रोशन किया है। 

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