शिमला में टीकाकरण के बाद 45 दिन की बच्ची की मौत, स्वास्थ्य विभाग ने दिए जांच के आदेश

दीन दयाल उपाध्याय (डीडीयू) जोनल अस्पताल शिमला में सुबह टीका लगने के बाद दोपहर बाद 45 दिन की बच्ची की मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग ने इस मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। परिजनों का आरोप है कि टीका लगाने के बाद बच्ची की मौत हुई है।

Jun 4, 2026 - 13:42
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शिमला में टीकाकरण के बाद 45 दिन की बच्ची की मौत, स्वास्थ्य विभाग ने दिए जांच के आदेश

यंगवार्ता न्यूज शिमला 4 जून, 2026 :

दीन दयाल उपाध्याय (डीडीयू) जोनल अस्पताल शिमला में सुबह टीका लगने के बाद दोपहर बाद 45 दिन की बच्ची की मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग ने इस मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। परिजनों का आरोप है कि टीका लगाने के बाद बच्ची की मौत हुई है। टीका लगने के तीन घंटे के भीतर बच्ची सुन्न हो गई थी। इसके बाद बच्ची ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। इसके बाद संजौली से मां बच्ची को इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के आपातकालीन विभाग में लेकर आई। यहां चिकित्सकों ने काफी देर तक बच्ची कियांशी की जांच की और सीपीआर दी लेकिन बाद में मृत घोषित कर दिया।
शाम को फोरेंसिक मेडिसिन विभाग ने बच्ची का पोस्टमार्टम करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। पोस्टमार्टम की प्रारंभिक जांच में बच्ची की टीके के प्रभाव से मौत की बात सामने नहीं आई है। फिर भी गहनता से जांच के बाद ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार होगी। वहीं परिजनों की ओर से पुलिस में शिकायत दी गई है। पोस्टमार्टम के दौरान बिसरा भी जांच के लिए लिया है। इसे एफएसएल जुन्गा भेजा जाएगा। इसके बाद ही मौत के असल कारणों का पता लग सकेगा। 
गौरतलब है कि 45 दिन के बाद मासूमों को पेंटावेलेंट, इंजेक्टेबल पोलियो और न्यूमोकोकल वैक्सीन लगाई जाती है। इसके अलावा रोटा वायरस और पोलियो की ड्रॉप्स पिलाई जाती है।  दूसरी तरफ बच्ची के दादा दिनेश कुमार ने बताया कि सुबह 11:00 बजे माता-पिता बच्ची को छह सप्ताह बाद लगने वाले टीका लगाने के लिए दीन दयाल उपाध्याय जोनल अस्पताल गए थे। टीका (इंजेक्शन) लगाने के बाद बच्ची को आधा घंटा तक चिकित्सकों ने देखरेख में रखा। इसके बाद ही बच्ची को जाने दिया। माता-पिता बच्ची को लेकर अपने घर संजौली आ गए। 
करीब 2:00 बजे बच्ची ने प्रतिक्रिया देनी बंद कर दी। थोड़ी ही देर बाद बच्ची के नाक से खून आ गया। मां तुरंत बच्ची को आईजीएमसी लेकर आई। इसके बाद चिकित्सकों ने जांच की लेकिन बच्ची की तब तक मौत हो चुकी थी। बच्ची का शरीर नीला पड़ चुका था। अब जांच के बाद बच्ची की मौत के असली कारणों का खुलासा हो पाएगा।

घर के कोने-कोने को 45 दिन में खुशियों से सराबोर करने वाली कियांशी की बुधवार को मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मां क्षितिजा के मुख पर केवल एक ही बात थी कि बच्ची ने इतने दिन में किसी को तंग नहीं किया।  मां ने कहा कि 45 दिन में बच्ची के साथ जीवन बेहतर था। पोस्टमार्टम के दौरान फोरेंसिक मेडिसिन विभाग के बाहर माहौल गमगीन रहा। बुधवार को भी परिजन ने हंसते-खेलते बच्ची को टीकाकरण के लिए लाए थे। दोपहर बाद परिवार बच्ची ने दम तोड़ दिया। बच्ची के मौत का जैसे ही पता लगा मां-पिता रो-रो कर बेहाल हो गए। वहां बच्ची के पिता दलीप, मां क्षितिजा और दादा दिनेश कुमार तथा रिश्तेदार मौके मौजूद थे और हर किसी की आंख नम थी। 45 दिन पहले कियांशी की किलकारियों से पूरा घर खुशियों से सराबोर हो गया था।

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