पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेल सेवा को लेकर बड़ी-बड़ी बातें करने वाली केंद्र सरकार के दावे हर बार झूठे हुए साबित
पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेल सेवा को लेकर बड़ी-बड़ी बातें करने वाली केंद्र सरकार के दावे हर बार झूठे साबित हुए हैं। चुनाव आने पर नेताओं को हिमाचल की रेल याद आती है, लेकिन चुनाव होते ही फिर भूल जाते हैं। इस समय पठानकोट से जोगिंद्रनगर की रेलवे लाइन बिलकुल तैयार
यंगवार्ता न्यूज़ - कांगड़ा 25-03-2026
पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेल सेवा को लेकर बड़ी-बड़ी बातें करने वाली केंद्र सरकार के दावे हर बार झूठे साबित हुए हैं। चुनाव आने पर नेताओं को हिमाचल की रेल याद आती है, लेकिन चुनाव होते ही फिर भूल जाते हैं। इस समय पठानकोट से जोगिंद्रनगर की रेलवे लाइन बिलकुल तैयार है। ट्रायल भी सफल रहे हैं पर जनता को परेशान किया जा रहा है।
रेल सेवा प्रभावित होने से जनजीवन प्रभावित हो गया है। अभी तक पठानकोट-जोगिंद्रनगर ट्रैक पर सिर्फ दो गाडिय़ां पपरोला से कांगड़ा तथा एक बैजनाथ -पपरोला से जोगिंद्रनगर के बीच चल रही है। ऐसे में कांगड़ा से पठानकोट की तरफ एक भी गाड़ी न चलने से लोगों में केंद्र सरकार के खिलाफ भारी रोष है। लोगों का कहना है कि डलहौजी मार्ग के पास चक्की खड्ड पर ध्वस्त रेलवे पुल का पुननिर्माण हो चुका है।
12 जनवरी को पुल पर इंजन से ट्रायल भी हो गया है। रेल विभाग ने 26 जनवरी से सभी रेलगाडिय़ां बहाल करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक कांगड़ा से पठानकोट तक रेल सेवा बहाल नहीं की गई है। बैजनाथ से जोगिंंद्रनगर व पपरोला से कांगड़ा तक रेलगाडिय़ां चलना आरंभ हो गई हैं, लेकिन कांगड़ा से पठानकोट तक अभी तक रेल सेवा बहाल नहीं हुई है।
लोगों का कहना है कि जिस प्रदेश से सात-सात सांसद भाजपा के हों, वहां केंद्रीय प्रोजेक्ट अगर हांफ रहे है तो यह धोखा है। उनका कहना है कि चुनाव से ठीक पहले तो बड़े-बड़े ट्रकों-ट्रालों के डिब्बे लाकर ट्रेन चला दी गई और जीतने के बाद सब कुछ बंद।
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