सुक्खू सरकार में सत्ता संघर्ष चरम पर, सचिवालय बना युद्धभूमि : डॉ बिंदल

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश आज अभूतपूर्व और अत्यंत विकट परिस्थितियों से गुजर रहा है। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार सुखविंदर सिंह सुखू के नेतृत्व में पूरी तरह विफल, दिशाहीन और आपसी कलह में उलझी हुई

Jan 15, 2026 - 12:00
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सुक्खू सरकार में सत्ता संघर्ष चरम पर, सचिवालय बना युद्धभूमि : डॉ बिंदल

कांग्रेस की अंदरूनी लड़ाई में पिस रही हिमाचल की जनता, कानून-व्यवस्था और प्रशासन पूरी तरह चरमराया

यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला   15-01-2026

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश आज अभूतपूर्व और अत्यंत विकट परिस्थितियों से गुजर रहा है। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार सुखविंदर सिंह सुखू के नेतृत्व में पूरी तरह विफल, दिशाहीन और आपसी कलह में उलझी हुई है। मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और मंत्री एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने में व्यस्त हैं और सरकार का हर घटक अपनी भड़ास निकालने में लगा है।

डॉ. बिंदल ने कहा कि स्थिति यह हो गई है कि प्रदेश का सचिवालय, जहां से जनता के हित में निर्णय होने चाहिए, आज युद्धभूमि में तब्दील हो चुका है। एक मंत्री दूसरे मंत्री को कोस रहा है, मंत्री प्रशासनिक अधिकारियों पर दोष मढ़ रहे हैं और अधिकारी इस असमंजस में फंसे हैं कि वे कर्तव्य निभाएं या राजनीतिक दबाव सहें। 

सरकार प्रशासन से लड़ रही है और प्रशासन स्वयं को असहाय एवं डिमोरलाइज महसूस कर रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की इस अंदरूनी लड़ाई का सबसे बड़ा खामियाजा प्रदेश की जनता भुगत रही है। जनता त्रस्त है, असुरक्षित है, जबकि सरकार के नेता अपनी सत्ता की लड़ाई में मस्त हैं। पिछले 70 वर्षों के इतिहास में हिमाचल ने ऐसी अराजक स्थिति कभी नहीं देखी, जहां मंत्री और कांग्रेस नेता पूरी तरह स्वच्छंद होकर केवल अपना-अपना जुगाड़ करने में लगे हों।

डॉ. बिंदल ने कहा कि जब सरकार अपनी नाकामियों पर घिरती है तो कभी एक मंत्री दूसरे मंत्री पर ठीकरा फोड़ता है और जब बात नहीं बनती तो भारतीय जनता पार्टी और केंद्र सरकार पर दोष मढ़ दिया जाता है। यह कांग्रेस की पुरानी और विफल राजनीति है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि अव्यवस्था का यह आलम अब चरम सीमा पर पहुंच चुका है। प्रदेश की कानून-व्यवस्था चरमरा चुकी है। पुलिस अधिकारी डिमोरलाइज हैं, प्रशासनिक अधिकारी डिमोरलाइज हैं और प्रदेश की जनता का जीवन आज असुरक्षित हो चला है। इसी का परिणाम है कि नशे और चिट्टे का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है, विकास कार्य पूरी तरह ठप हो चुके हैं और संस्थान बेलगाम हो गए हैं।

डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि जब भी कोई नागरिक सरकार से सवाल करता है, तो कांग्रेस के नेता समाधान देने के बजाय आपस में गुत्थम-गुत्था हो जाते हैं। 
यह सरकार अब नैतिक और प्रशासनिक दोनों रूप से शासन करने का अधिकार खो चुकी है। भाजपा प्रदेश की जनता की आवाज बनकर इस अव्यवस्था, अराजकता और विफलता के खिलाफ सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी।

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