स्वच्छता सर्वेक्षण के बीच कल से हड़ताल पर सैहब कर्मी, नगर निगम लगाएगा एस्मा; कूड़ा संकट गहराने के आसार
पहाड़ों की रानी शिमला में स्वच्छता सर्वेक्षण के बीच 'कचरा संकट' खड़ा हो गया है। जिस कारण सैहब कर्मियों ने नगर निगम की मुश्किलें और बढ़ा दी हैंकर्मचारी यूनियन का मुख्य विरोध वेतन बढ़ोतरी को लेकर है।सैहब कर्मियों नगर निगम ने कर्मचारियों की सालाना 10 फीसदी वेतन वृद्धि पर रोक लगा दी है, जिसे वे 'कर्मचारी विरोधी' फैसला बता रहे हैं
पहाड़ों की रानी शिमला में स्वच्छता सर्वेक्षण के बीच 'कचरा संकट' खड़ा हो गया है। जिस कारण सैहब कर्मियों ने नगर निगम की मुश्किलें और बढ़ा दी हैंकर्मचारी यूनियन का मुख्य विरोध वेतन बढ़ोतरी को लेकर है।सैहब कर्मियों नगर निगम ने कर्मचारियों की सालाना 10 फीसदी वेतन वृद्धि पर रोक लगा दी है, जिसे वे 'कर्मचारी विरोधी' फैसला बता रहे हैं।
सैहब कर्मचारी यूनियन के उपाध्यक्ष अमित भाटिया ने कहा कि 7 साल बाद हुई एजीएम (AGM) की बैठक में उनकी मुख्य मांगों को अनसुना कर 'कर्मचारी विरोधी' फैसले लिए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम जनता से तो वेतन वृद्धि के नाम पर 10% शुल्क ले रहा है, लेकिन कर्मचारियों को इसका लाभ नहीं दे रहा। उन्होंने निगम प्रशासन को चेताते हुए कहा कि नगर निगम अगर एस्मा लगाना चाहता है तो लगा दे लेकिन कल से घरों से कूड़ा नही उठेगा।यदि मांगें नहीं मानी गईं, तो वे भूख हड़ताल और कोर्ट का रुख भी कर सकते हैं।यूनियन उपाध्यक्ष अमित भाटिया ने कहा कि उन्होंने 15 दिन पहले ही नोटिस दे दिया था, लेकिन प्रशासन ने इसका कोई हल नही निकाला।
नगर निगम आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि सफाई व्यवस्था 'अनिवार्य सेवाओं' में आती है।हड़ताल पर जाने वाले कर्मचारियों पर एस्मा के तहत कार्रवाई की जाएगी। यह 'अवमानना' (Contempt of Court) का मामला है और इसे हाई कोर्ट के समक्ष ले जाया जाएगा।
इसके साथ नगर निगम आयुक्त ने कहा कि उनकी शहर वासियों से अपील है कि शिमला की सफाई व्यवस्था को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा और नगर निगम द्वारा कुछ प्वाइंट्स निर्धारित किए जाएंगे जहां से कूड़ा उठाया जाएगा इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हो सकता है दो-तीन दिन समस्याएं लेकिन स्वच्छता को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा
— भूपेंद्र सिंह अत्री, आयुक्त, नगर निगम शिमला
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