यंगवार्ता न्यूज़ - ऊना 29-01-2026
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने गुरुवार को हरोली विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत बढ़ेड़ा में नवनिर्मित पंचायत सामुदायिक केंद्र का विधिवत उद्घाटन किया। इस सामुदायिक केंद्र के निर्माण के लिए उपमुख्यमंत्री द्वारा कुल 1.14 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध करवाई गई थी, जिसमें प्रथम चरण में लगभग 50 लाख रुपये की लागत से भवन निर्माण कार्य पूर्ण किया गया है, जबकि दूसरे तल का निर्माण कार्य दूसरे चरण में किया जाएगा। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत स्तर पर सुदृढ़ अधोसंरचना ही ग्रामीण विकास की वास्तविक रीढ़ होती है। उन्होंने पंचायत में आपसी एकजुटता से हुए विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि सामूहिक सहभागिता से ही क्षेत्र के सर्वांगीण विकास को गति मिलती है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हरोली क्षेत्र में बेहतर जलापूर्ति व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए अब तक लगभग 300 ट्यूबवेल स्थापित किए जा चुके हैं। इन ट्यूबवेल्स की रिमॉडलिंग पर करीब 100 करोड़ रुपये की राशि व्यय की जाएगी।
इसके अतिरिक्त 135 करोड़ रुपये की लागत से विभोर साहिब जल योजना की रिमॉडलिंग भी की जाएगी, जिससे क्षेत्र की जलापूर्ति व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी। अग्निहोत्री ने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पंडोगा क्षेत्र में वनखंडी के समीप रेस्ट हाउस के पास लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से रोप-वे परियोजना शुरू की जाएगी। यह रोपवे होशियारपुर सीमा से पंडोगा तक बनाया जाएगा, जिसके लिए टेंडर प्रक्रिया शीघ्र आरंभ की जाएगी। उन्होंने बताया कि पंडोगा औद्योगिक क्षेत्र में 10 करोड़ रुपये की लागत से एमएसएमई टेक्नोलॉजी सेंटर स्थापित किया जाएगा, जिसे पंडोगा स्थित कम्युनिटी सेंटर भवन में शुरू किया जाएगा। इसके अतिरिक्त बाथू में 18 करोड़ रुपये की लागत से टूल रूम का निर्माण किया जाएगा। वहीं टाहलीवाल क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति ढांचे के सुदृढ़ीकरण पर 4 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि पालकवाह स्थित स्किल डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट भवन में राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) का कार्यालय अगले 15 दिनों में स्थापित कर दिया जाएगा। इससे क्षेत्र में विकास कार्यों को नई गति मिलेगी और आपदा प्रबंधन व्यवस्था भी अधिक सशक्त होगी।
अग्निहोत्री ने कहा कि हरोली विधानसभा क्षेत्र में 5 करोड़ रुपये की लागत से सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। हर मोड़, गली और चौराहे पर कैमरे स्थापित किए जाएंगे, जिससे हरोली देश का पहला ऐसा विधानसभा क्षेत्र बनेगा जो पूरी तरह सीसीटीवी निगरानी से लैस होगा। इससे अपराध पर प्रभावी अंकुश लगेगा और सुरक्षित व विकसित हरोली का लक्ष्य साकार होगा। उन्होंने बताया कि हरोली विधानसभा क्षेत्र में 132 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न पुलों का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि रोड़ा क्षेत्र तेजी से विकास की नई डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है। यहां ट्रैफिक पार्क, 5 करोड़ रुपये की लागत से ऑटोमैटिक टेस्टिंग सेंटर, 13.50 करोड़ रुपये की लागत से हेलीपोर्ट तथा 10 करोड़ रुपये की लागत से रनिंग ट्रैक का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ये सभी परियोजनाएं पूर्ण होने पर रोड़ा क्षेत्र अपने आप में एक आधुनिक और विकसित सिटी के रूप में पहचान बनाएगा। उन्होंने बताया कि पोलियां में 50 लाख लीटर तथा दुलैहड़ में 25 लाख लीटर क्षमता के जल भंडारण टैंक तैयार किए जा चुके हैं, जबकि अमराली में 25 मीटर ऊंचाई पर 25 लाख लीटर क्षमता का टैंक निर्माणाधीन है। इसके अतिरिक्त 75 करोड़ रुपये की लागत से ‘बीत एरिया फेज-2’ उठाऊ पेयजल योजना पर कार्य प्रगति पर है।
इस योजना के तहत स्वां नदी से पानी उठाकर बीत एवं पालकवाह क्षेत्र के 28 गांवों की लगभग 50 हजार कनाल भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से हरोली को वर्ष 2027 तक शत-प्रतिशत पेयजल व सिंचाई सुविधा से संपन्न करने की दिशा में ठोस प्रगति हुई है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हरोली क्षेत्र में शिक्षा के क्षेत्र में आए व्यापक बदलावों का सबसे अधिक लाभ नारी शक्ति को मिला है। बढ़ेड़ा में हिमकैप्स लॉ कॉलेज और नर्सिंग कॉलेज के बाद अब आयुर्वेद कॉलेज की स्थापना की जा रही है। उन्होंने कहा कि जब वे पहली बार विधायक बने थे, उस समय बढ़ेड़ा में केवल आठवीं कक्षा तक शिक्षा की सुविधा थी,लेकिन आज यहां शिक्षा की मजबूती का आज यह आलम है कि यहां पढ़ रही बेटियां जज, वकील, नर्स और डॉक्टर बन रही हैं। यह शिक्षा क्षेत्र में आए बड़े बदलाव का सशक्त उदाहरण है। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि खड्ड गांव के आउटडोर स्टेडियम में 47 लाख रुपये की लागत से स्थापित आधुनिक हाई-मास्ट फ्लड लाइट्स का लोकार्पण किया गया है, जिससे रात्रिकालीन खेल गतिविधियों और प्रतियोगिताओं के आयोजन में सुविधा मिलेगी। इसके अलावा नंगल खुर्द में एक बड़े स्टेडियम के निर्माण की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने झलेड़ा और घालूवाल चौकों के सौंदर्यीकरण का उल्लेख करते हुए सलोह में भी चौक के निर्माण के लिए स्थानीय लोगों से आपसी समन्वय के माध्यम से भूमि विवाद का समाधान का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि वहां महाराणा प्रताप जी की भव्य प्रतिमा स्थापना के साथ एक सुंदर चौक विकसित किया जाएगा, जिस पर लगभग 60 से 65 लाख रुपये की राशि व्यय की जाएगी। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र के धार्मिक स्थलों के विकास के लिए भी पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करवाई गई है। भदसाली स्थित श्री गुरु रविदास मंदिर के लिए 71 लाख रुपये तथा बालीवाल और ललड़ी के मंदिरों के लिए 25-25 लाख रुपये की राशि प्रदान की गई है। इसके अलावा भी अनेक धर्म स्थलों के विकास कंबलिए धन राशि दी गई है।