400 करोड़ रुपए की लागत से प्रदेश में दूध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए मिल्क फेडरेशन खोलेगा छह नए मिल्क प्लांट
हिमाचल प्रदेश में दूध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए अब मिल्क फेडरेशन छह नए मिल्क प्लांट खोलेगा। करीब 400 करोड़ रुपए की लागत से ये मिल्क प्लांट तैयार किए जाएंगे और इससे हिमाचल प्रदेश के दूध उत्पादन से जुड़े हुए किसानों को काफी फायदा होगा
यंगवार्ता न्यूज़ - कुल्लू 10-03-2026
हिमाचल प्रदेश में दूध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए अब मिल्क फेडरेशन छह नए मिल्क प्लांट खोलेगा। करीब 400 करोड़ रुपए की लागत से ये मिल्क प्लांट तैयार किए जाएंगे और इससे हिमाचल प्रदेश के दूध उत्पादन से जुड़े हुए किसानों को काफी फायदा होगा। यह बात जिला कुल्लू के मुख्यालय ढालपुर के देव सदन में आयोजित दूध उत्पादन प्रशिक्षण शिविर में मिल्क फेडरेशन के अध्यक्ष बुद्धि सिंह ठाकुर ने कही।
देव सदन में जिला कुल्लू की 52 सोसायटियों के 250 से अधिक दुग्ध उत्पादन से जुड़े हुए किसानों के लिए यह एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण शिविर में नेशनल डेयरी ट्रेनिंग बोर्ड से आए अधिकारियों ने किसानों को दूध उत्पादन तथा पशुओं के रखरखाव के बारे में जानकारी दी।
किसानों को संबोधित करते हुए मिल्क फेडरेशन के अध्यक्ष बुद्धि सिंह ठाकुर ने बताया कि धर्मशाला में भी चार जिला के दूध उत्पादकों को फायदा देने के लिए एक मिल्क प्लांट की स्थापना की जाएगी। जहां पर कांगड़ा, चंबा, हमीरपुर तथा ऊना के किसानों का दूध एकत्र किया जाएगा।
इसके अलावा 35.35 करोड़ की लागत से नाहन तथा नालागढ़ में भी मिल्क प्लांट शुरू किए जाएंगे। वही रोहड़ू, हमीरपुर, ऊना, मौहल में भी चिलिंग प्लांट खोले जाएंगे, ताकि दूध उत्पादन से जुड़े किसानों को अधिक फायदा मिल सके। बुद्धि सिंह ठाकुर ने कहा कि जिस तरह से सेब हिमाचल प्रदेश की आर्थिकी में अहम योगदान देता है, अब दुग्ध उत्पादन को भी इसी तरह बढ़ावा दिया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश में 5000 करोड़ से अधिक की आर्थिकी सेब बागबानी से आती है। वहीं प्रदेश सरकार का भी यह प्रयास है कि हिमाचल प्रदेश में दुग्ध उत्पादन से हो रही आर्थिकी को 2000 करोड़ तक पहुंचाया जाए, ताकि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में दूध उत्पादन से जुड़े हुए किसानों तथा महिलाओं को सीधा फायदा मिल सके।
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