कैग रिपोर्ट में खुलासा : वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान राज्य सरकार ने 209.58 करोड़ रुपये अलग-अलग उपकरों के रूप में किए एकत्र  

वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान राज्य सरकार ने 209.58 करोड़ रुपये अलग-अलग उपकरों के रूप में एकत्र किए। इनमें दूध उपकर 141.92 करोड़, करों पर उपकर 43.02 करोड़, प्राकृतिक खेती उपकर 24.62 करोड़, भूमि पर उपकर 0.03 करोड़ को एकत्र किया

Mar 31, 2026 - 13:08
Mar 31, 2026 - 13:09
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कैग रिपोर्ट में खुलासा : वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान राज्य सरकार ने 209.58 करोड़ रुपये अलग-अलग उपकरों के रूप में किए एकत्र  

यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला    31-03-2026

वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान राज्य सरकार ने 209.58 करोड़ रुपये अलग-अलग उपकरों के रूप में एकत्र किए। इनमें दूध उपकर 141.92 करोड़, करों पर उपकर 43.02 करोड़, प्राकृतिक खेती उपकर 24.62 करोड़, भूमि पर उपकर 0.03 करोड़ को एकत्र किया। 2023-24 में 182.40 करोड़ रुपये श्रम उपकर के अलावा विभिन्न उपकर के रूप में एकत्र किए। 

इन उपकरों के अधिनियमों और अधिसूचनाओं में राज्य के लोक लेखे में निधि के निर्माण का कोई प्रावधान नहीं है। प्रधान महालेखाकार लेखा एवं हकदारी ने राज्य के लोक लेखा के तहत अन्य उपकरों के लिए निधि के सृजन के लिए राज्य सरकार के साथ मामला उठाया है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की ओर से विधानसभा सदन के पटल पर रखी कैग रिपोर्ट में ऐसे कई खुलासे हुए हैं।

इस रिपोर्ट के अनुसार 2024-25 के दौरान राज्य में लाभार्थियों यानी एनजीओ, केंद्र सरकार के संगठन, वैधानिक संगठन, शहरी व ग्रामीण निकाय, लाभार्थी आदि सहित क्रियान्वयन एजेंसियों को प्रत्यक्ष 1,852.42 करोड़ प्राप्त हुए। इन एजेंसियों को निधि का प्रत्यक्ष हस्तांतरण 2023-24 की तुलना में 4.83 प्रतिशत घट गया। 

वित्त वर्ष 2023-24 में यह 1,946.42 करोड़ रुपये था। एसएनए खाते में केंद्रीय हिस्सेदारी के हस्तांतरण में 30 दिनों से ज्यादा की देरी पर 1 अप्रैल 2023 से 7 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से दिनों की संख्या पर ब्याज का भुगतान राज्य सरकार की ओर से किया जाना है।

सरकार को वर्ष के दौरान खजाने में केंद्रांश  के रूप में 4,090.75 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। 31 मार्च 2025 तक सरकार ने 4,279.97 करोड़ रुपये केंद्र के हिस्से और 796.51 करोड़ रुपये राज्य के हिस्से एसएनए को हस्तांतरित किए। 

वास्तविक व्यय के विस्तृत वाउचर और सहायक दस्तावेज एसएनए से प्रधान महालेखाकार लेखा और हकदारी कार्यालय को प्राप्त नहीं हुए थे। राज्य सरकार की ओर से दी जानकारी व एसएनए रिपोर्ट के अनुसार 31 मार्च 2025 तक एसएनए के बैंक खातों में 764.37 करोड़ बिना खर्च किए पड़े रहे।

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