शिमला में SFI की विजय रैली, छात्रों पर कार्रवाई रोकने और NTA भंग करने की मांग
स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) शिमला शहरी कमेटी द्वारा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद राजधानी शिमला में 'विक्ट्री रैली' (विजय रैली) का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शन में शहर के विभिन्न संस्थानों से आए सैकड़ों छात्रों ने भाग लिया और सरकार विरोधी नारों के साथ अपनी ऐतिहासिक जीत का जश्न मनाया।
यंगवार्ता न्यूज - शिमला 29 जुलाई, 2026 :
स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) शिमला शहरी कमेटी द्वारा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद राजधानी शिमला में 'विक्ट्री रैली' (विजय रैली) का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शन में शहर के विभिन्न संस्थानों से आए सैकड़ों छात्रों ने भाग लिया और सरकार विरोधी नारों के साथ अपनी ऐतिहासिक जीत का जश्न मनाया।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए SFI शिमला शहरी कमेटी के अध्यक्ष तिलक ने कहा कि यह जीत केवल छात्रों की नहीं, बल्कि देश की उस तमाम जनता की जीत है जिन्होंने शिक्षा व्यवस्था को बचाने के लिए आवाज उठाई। उन्होंने कहा, "यह छात्र आंदोलन की ऐतिहासिक सफलता है। जिस तरह से मोदी-शाह सरकार तानाशाही रवैया अपनाकर छात्रों की आवाज़ को दबाने का प्रयास कर रही थी, देश के छात्रों और आम जनता की एकजुटता ने उस केंद्र सरकार को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया है। तिलक ने कहा कि छात्रों ने अपने अधिकारों के लिए लगातार दिल्ली और देश के अलग अलग कोने में संघर्ष किया , सैकड़ों छात्रों को गिरफ्तार किया गया , अलग अलग स्थानों में लाठियां बरसाई गई परंतु छात्र डटे रहे और धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लिया ।
प्रदर्शन के दौरान SFI हिमाचल प्रदेश के राज्य अध्यक्ष अनिल ठाकुर ने केंद्र सरकार की वादाखिलाफी और पुलिस प्रशासन के दोहरे रवैये पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा, "छात्रों ने अपने अधिकारों की लंबी लड़ाई लड़ी और आखिरकार धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लिया। इसके बाद सरकार ने खुद छात्रों को वार्ता के लिए आमंत्रित किया था। उस बैठक में यह स्पष्ट आश्वासन दिया गया था कि आंदोलनकारी छात्रों पर दर्ज सभी FIR वापस ली जाएँगी और भविष्य में किसी भी छात्र पर कोई कार्रवाई नहीं होगी। अनिल ठाकुर ने आगे कहा कि आज सरकार अपने ही वादों से मुकर रही है। देश भर में पुलिस का इस्तेमाल करके निर्दोष छात्रों पर FIR दर्ज की जा रही हैं और उन्हें जबरदस्ती डिटेन किया जा रहा है।छात्रों पर आंदोलन के बाद भी दमन जारी है । उन्होंने दिल्ली पुलिस द्वारा SFI की अखिल भारतीय सह-सचिव आइशी घोष (Aishie Ghosh) को गिरफ्तार करने की कोशिश की कड़े शब्दों में निंदा की और इसे सरकार की हताशा का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि इस तरीके की गिरफ्तारियों कदापि बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अगर सरकार अपनी कही गई बात से मुकर गई तो SFI पूरे देश के स्तर पर फीस आंदोलन शुरू करेगी और सरकार को फिर से विरोध का सामना करना पड़ेगा और अबकी बार संघर्ष और बड़ा होगा ।
प्रदर्शन को समापन करते हुए SFI शिमला जिला सचिव पवन ने संगठन के आगामी रुख को साफ किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह लड़ाई केवल एक मंत्री के इस्तीफे के साथ समाप्त नहीं होती। उन्होंने कहा, "धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा इस लड़ाई का पड़ाव है, अंतिम मंज़िल नहीं। SFI का यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक कि धांधली और भ्रष्टाचार का केंद्र बन चुकी संस्था NTA (National Testing Agency) को पूरी तरह से बर्खास्त नहीं कर दिया जाता और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली लागू नहीं होती। अपनी बात रखते हुए उन्होंने कहा कि SFI अपनी लड़ाई को स्कूलों , महाविद्यालय और विश्वविद्यालय से लड़ते हुए सड़कों तक लड़ेगी और तमाम छात्र समुदाय को एकत्रित करते हुए तब तक अनोलन जारी रखेगी जब तक कि NTA को बर्खास्त नहीं किया जाता । SFI हिमाचल प्रदेश राज्य कमेटी ने चेतावनी दी है कि यदि छात्रों पर पुलिसिया उत्पीड़न तुरंत बंद नहीं हुआ और NTA की बर्खास्तगी पर फैसला नहीं लिया गया, तो संगठन आने वाले समय में पूरे प्रदेश और देश स्तर पर और भी उग्र आंदोलन छेड़ेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी केंद्र सरकार और प्रशासन की होगी।
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