सरकारी स्कूलों में सीबीएसई के प्रति भारी उत्साह, मंडी में 12 हजार से अधिक बच्चों ने लिया प्रवेश

सरकारी स्कूलों में सीबीएसई बोर्ड के माध्यम से पढ़ाई के 'सुक्खू सरकार’ के फैसले का लोगों ने खुले दिल से स्वागत किया है। प्रथम चरण में जिला मंडी के 23 सरकारी स्कूलों को सीबीएसई के अधीन किया गया

Apr 19, 2026 - 10:53
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सरकारी स्कूलों में सीबीएसई के प्रति भारी उत्साह, मंडी में 12 हजार से अधिक बच्चों ने लिया प्रवेश
Paras School The Rose Orchid World School Admission Doon Valley Deeserve Media
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अभिभावकों सहित सीबीएसई स्कूलों में प्रवेश पाने वाले बच्चों ने मुख्यमंत्री का जताया आभार

यंगवार्ता न्यूज़ -  मंडी    19-04-2026

सरकारी स्कूलों में सीबीएसई बोर्ड के माध्यम से पढ़ाई के 'सुक्खू सरकार’ के फैसले का लोगों ने खुले दिल से स्वागत किया है। प्रथम चरण में जिला मंडी के 23 सरकारी स्कूलों को सीबीएसई के अधीन किया गया है। यहां प्रवेश पाने के लिए छात्रों एवं अभिभावकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। 12 हजार से अधिक बच्चे विभिन्न कक्षाओं में अभी तक दाखिला ले चुके हैं।  

जिला की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भंगरोटू, मढ़ी, पनारसा, जोगिंदरनगर, करसोग, गोहर, मंडी, सरकाघाट, जंजैहली, सुंदरनगर, रिवालसर, गद्दीधार, मंडप, भराड़ी स्थित सज्जयाओपिपलू, चौंतड़ा, कोटली, बालीचौकी, पांगणा, पधर, तेबन, बलद्वाड़ा, भद्रवाड़ तथा कोलनी ढलवान में वर्तमान शैक्षणिक सत्र से सीबीएसई कक्षाओं में प्रवेश की प्रक्रिया जारी है।

16 अप्रैल, 2026 तक इन स्कूलों में 12,083 बच्चे प्रवेश ले चुके हैं। बलद्वाड़ा में 389, बालीचौकी में 769, भंगरोटू में 519, भराड़ी में 198, भद्रवाड़ में 160, चौंतडा 579, गद्दीधार 142, गोहर 655, जंजैहली 593, जोगिंदरनगर 1050, करसोग 1031, कोलनी ढलवान 187, कोटली 773, मंडप 432, मंडी 646, मढ़ी 274, पधर 592, पनारसा 506, पांगणा 624, रिवालसर 512, सरकाघाट 529, सुंदरनगर में 595 तथा तेबन में 328 बच्चों ने अभी तक प्रवेश लिया है।

बाल वाटिका से जमा दो तक प्रवेश प्रक्रिया जारी है। छठी, नौवीं, दसवीं, जमा एक तथा जमा दो में प्रवेश का आंकड़ा एक हजार पार हो चुका है। जिला में बाल वाटिका एक में 226, बाल वाटिका दो में 341 तथा बाल वाटिका तीन में 344 नौनिहालों ने प्रवेश लिया है। 

प्रथम कक्षा में 483, दूसरी में 370, तीसरी में 238, चौथी में 487, पांचवीं में 492, छठी में 1028, सातवीं में 945, आठवीं कक्षा में 964, नौवीं में 1295, दसवीं में 1165 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। जमा एक में 1862 तथा जमा दो में 1873 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है।

प्रदेश सरकार की इस पहल के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। सरकारी स्कूलों में प्रवेश में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है। लोग इस दूरदर्शी निर्णय के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की खुले मन से तारीफ कर रहे हैं। 

बीजे स्कूल मंडी में जमा एक में प्रवेश लेने वाली आशय शर्मा तथा अर्पिता शर्मा ने सीबीएसई शुरू करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि पहले वे निजी स्कूल में शिक्षा ग्रहण कर रहे थे, अब सरकारी स्कूल में शिक्षा ग्रहण करेंगी।

मंडी की आसमा फ़ातुन का कहना है कि उनका बच्चा पहले निजी स्कूल में पढ़ता था, जहां फीस बहुत अधिक थी, जिसे चुकता करने में सक्षम नहीं थे। मुख्यमंत्री जी ने हम जैसे अभिभावकों की कठिनाइयों को समझते हुए ऐसी व्यवस्था की है, जिससे अपने बच्चों को हम सीबीएसई बोर्ड में पढ़ा सकें। मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हुए बताया कि अपने बच्चे का दाखिला सरकारी स्कूल (सीबीएसई) में करवा दिया है, जिससे अब उसे बेहतर और सुलभ शिक्षा मिल सकेगी।

मंडी की रहने वाली नगीना कुमारी का कहना है कि पहले बेटी का दाखिला एक प्राइवेट स्कूल में करवाया था। वहां फीस अधिक होने से आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। अब अपनी बेटी का दाखिला सरकारी स्कूल में करवा दिया है। सरकार ने आम जनता और गरीब परिवारों के बच्चों के बेहतर भविष्य के बारे में सोचा। इसके लिए मुख्यमंत्री जी का दिल से धन्यवाद करती हूं।

इसी तरह मंडी की सुमन, कोटली के अरुण कुमार, पधर के राकेश, सुंदरनगर के नरेश, गोहर के चमन लाल ने भी सरकारी स्कूल में सीबीएसई पैटर्न शुरू करने के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का हार्दिक आभार व्यक्त किया।

बीजे स्कूल मंडी (सीबीएसई) के प्रधानाचार्य अशोक ठाकुर ने अभिभावकों का आह्वान किया कि वे अपने बच्चों के आधार और एसएलसी लेकर सीबीएसई पाठ्यक्रम में प्रवेश ले सकते हैं।

उप निदेशक उच्च शिक्षा यशवीर धीमान का कहना है कि मंडी के 23 सरकारी स्कूलों में इस सत्र से सीबीएसई कक्षाएं शुरू की गई हैं। प्रवेश प्रक्रिया विलंब शुल्क के साथ 30 अप्रैल तक जारी है। सीबीएसई पैटर्न लागू होने के बाद इन स्कूलों में छात्र नामांकन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। किसी कक्षा में 40 से अधिक बच्चे होते हैं तो अलग से सेक्शन बनाया जाएगा। किसी भी बच्चे को शिक्षा से वंचित नहीं रखा जाएगा।

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