आउटसोर्स भर्तियों पर हाईकोर्ट सख्त, स्वास्थ्य और प्रधान सचिव वित्त तलब,16 जून को होगी अगली सुनवाई
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के विभिन्न विभागों, बोर्डों और निगमों में बड़े पैमाने पर आउटसोर्स भर्तियों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने कहा कि खाली पदों को नियमित रूप से भरने के बजाय बैक डोर एंट्री के जरिए नियुक्तियां की जा रही हैं, जो युवाओं के वैधानिक अधिकारों का हनन और उनका शोषण है।
शिमला 22 मई, 2026 :
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के विभिन्न विभागों, बोर्डों और निगमों में बड़े पैमाने पर आउटसोर्स भर्तियों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने कहा कि खाली पदों को नियमित रूप से भरने के बजाय बैक डोर एंट्री के जरिए नियुक्तियां की जा रही हैं, जो युवाओं के वैधानिक अधिकारों का हनन और उनका शोषण है।
मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य सचिव और प्रधान सचिव (वित्त) को अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 16 जून को होगी। अदालत में वित्त विभाग के विशेष सचिव सौरभ जस्सल की ओर से दाखिल हलफनामे में कहा गया कि आउटसोर्स कर्मचारियों का डाटा बहुत बड़ा है और केंद्रीकृत रूप से उपलब्ध नहीं है, इसलिए इसे एकत्र करने में देरी हो रही है।
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