हिमाचल में कंपनियों ने व्यावसायिक सिलिंडरों की रिफिलिंग की बंद, ढाबों में व्यावसायिक सिलिंडरों का संकट
इस्राइल-ईरान युद्ध तेज होने के कारण उत्पादन एवं आपूर्ति पर बढ़ते संकट की आशंका से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें सोमवार को 31 फीसदी तक बढ़ गईं। इसके दाम 45 महीने के उच्च स्तर 120 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गए
यंगवार्ता न्यूज़ - सोलन 10-03-2026
इस्राइल-ईरान युद्ध तेज होने के कारण उत्पादन एवं आपूर्ति पर बढ़ते संकट की आशंका से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें सोमवार को 31 फीसदी तक बढ़ गईं। इसके दाम 45 महीने के उच्च स्तर 120 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गए। हालांकि, इसके बाद कीमतों में गिरावट आई।
इस बीच, केंद्र सरकार ने रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का आदेश दिया है। वहीं, तेल कंपनियों ने वाणिज्यिक सिलिंडरों की आपूर्ति में कटौती शुरू कर दी है। घरेलू एलपीजी को प्राथमिकता दी जा रही है।
बड़े उत्पादकों के कच्चे तेल की आपूर्ति में कटौती व शिपिंग में रुकावट की आशंका से बाजार में डर का माहौल है। सोमवार को शुरुआती कारोबार में ब्रेंट क्रूड की कीमतें 29% बढ़कर 119.50 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गईं। हालांकि, बाद में दरें 14 फीसदी यानी 12.77 डॉलर बढ़कर 105.46 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गई।
वहीं, अमेरिका में हल्का कच्चा तेल वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड 31.4 फीसदी की तेजी के साथ 119.48 डॉलर पहुंच गया। हालांकि, बाद में यह 103.56 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। ईरान पर हमले के बाद से ब्रेंट क्रूड 66 फीसदी और डब्ल्यूटीआई क्रूड 77 फीसदी महंगा हुआ है।
इसी बीच हिमाचल में भी रसोई गैस का संकट खड़ा हो गया है। सोमवार से कंपनियों ने व्यावसायिक सिलिंडरों की रिफिलिंग बंद कर दी है। इससे अब व्यावसायिक गैस सिलिंडर नहीं मिलेंगे। इससे हिमाचल के हजारों होटलों, रेस्तरां और ढाबों में व्यावसायिक सिलिंडरों का संकट छा जाएगा। हालांकि घरेलू गैस की सप्लाई को सुचारु रखने के लिए लिया है। इस संबंध में एजेंसियों को भी निर्देश जारी कर दिए हैं।
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