प्राकृतिक खेती से उगाए उत्पादों की बिक्री के लिए 10 मंडियों में स्थान निर्धारित कर बनेंगे आधारभूत ढांचे : सीएम 

प्राकृतिक खेती से उगाए उत्पादों की बिक्री के लिए 10 मंडियों में स्थान निर्धारित कर आधारभूत ढांचे बनेंगे। इन पर काम शुरू कर दिया गया है। इस वित्त वर्ष से राज्य सरकार प्राकृतिक खेती से उगाई गई कच्ची हल्दी पर 90 रुपये प्रतिकिलो का समर्थन मूल्य दे रही

May 26, 2025 - 11:36
May 26, 2025 - 11:39
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प्राकृतिक खेती से उगाए उत्पादों की बिक्री के लिए 10 मंडियों में स्थान निर्धारित कर बनेंगे आधारभूत ढांचे : सीएम 
Paras School Sadak Suraksha Doon Valley Deeserve Media
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यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला     26-05-2025

प्राकृतिक खेती से उगाए उत्पादों की बिक्री के लिए 10 मंडियों में स्थान निर्धारित कर आधारभूत ढांचे बनेंगे। इन पर काम शुरू कर दिया गया है। इस वित्त वर्ष से राज्य सरकार प्राकृतिक खेती से उगाई गई कच्ची हल्दी पर 90 रुपये प्रतिकिलो का समर्थन मूल्य दे रही है। 

इस हल्दी को प्रसंस्कृत कर ‘हिमाचल हल्दी’ के नाम से बाजार में उतारा जाएगा। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने यह बात रविवार को शिमला से जारी बयान में कही। उन्होंने कहा कि किसानों में रसायनमुक्त खेती की ओर रुझान बढ़ रहा है।

कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए सरकार नई योजनाएं ला रही है। सरकार योजनाओं के लाभ जमीनी स्तर पर जल्द मिलें, इस पर ध्यान दिया जा रहा है। सरकार की ओर से अब तक 1509 किसानों से लगभग 400 मीट्रिक टन मक्की की खरीद 40 रुपये प्रति किलो के समर्थन मूल्य पर की गई है। 

इसी प्रकार गेहूं पर भी 60 रुपये प्रति किलोग्राम का समर्थन मूल्य दिया जा रहा है और इसकी खरीद प्रक्रिया भी जारी है। सरकार ने चरणबद्ध तरीके से प्राकृतिक पद्धति से उगाई गई कच्ची हल्दी पर भी न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रदान करने का निर्णय लिया है।

सीएम ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में 99.3 प्रतिशत पंचायतों में प्राकृतिक पद्धति से खेती की जा रही है और 2 लाख 23 हजार किसानों व बागवानों ने प्राकृतिक खेती को पूर्णतया या आंशिक रूप से अपनाया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश के 9.61 लाख किसानों को चरणबद्ध तरीके से प्राकृतिक खेती विधि से जोड़ने का लक्ष्य तय किया है। 

वित्त वर्ष 2023-24 और 2024-25 में प्रदेश में कार्यान्वित प्राकृतिक खेती खुशहाल योजना के अंतर्गत 27.60 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं। इस वित्त वर्ष के लिए 7.28 करोड़ रुपये का वित्तीय प्रावधान किया गया है।

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