छौशा गांव में समस्याओं का अंबार, न अस्पताल में डॉक्टर, न स्कूल में टीचर, न संडे को पानी,ग्रामीण बोले चुनाव में देंगे जवाब
स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल के गृह क्षेत्र के साथ लगते छौशा गांव में इन दिनों समस्याओं का अंबार है। मंगलवार को ग्रामीणों ने एकत्र होकर स्वास्थ्य मंत्री और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की
यंगवार्ता न्यूज़ - कंडाघाट 17-03-2026
स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल के गृह क्षेत्र के साथ लगते छौशा गांव में इन दिनों समस्याओं का अंबार है। मंगलवार को ग्रामीणों ने एकत्र होकर स्वास्थ्य मंत्री और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
इस दौरान ग्रामीणों ने जहां पीएससी छौशा में डॉक्टर ना होने के चलते स्वास्थ्य मंत्री और प्रदेश सरकार को घेरा तो वहीं दूसरी तरफ रविवार के दिन लोगों को पानी की सप्लाई न मिलने के मुद्दे को भी खूब उठाया गया।
वहीं इस दौरान तहसील को कंडाघाट से ममलीघ शिफ्ट किए जाने के मुद्दे को भी ग्रामीण ने उठाया। ग्रामीणों ने कहा कि लगातार छौशा गांव के लोगों के साथ नाइंसाफी की जा रही है और नजरअंदाज किया जा रहा है।
ग्रामीणों ने कहा कि 37 साल पहले तत्कालीन वीरभद्र सरकार में PHC छौशा बनी थी लेकिन आज 37 साल बाद यहां पर सुविधा नाम मात्र रह चुकी है। ग्रामीणों ने कहा कि डॉक्टर की डेपुटेशन पर ड्यूटी लगी होने की वजह से यहां पर मरीज परेशान होते हैं और उन्हें मायूस होकर बिना दवाई लिए लौटना पड़ता है।
वहीं दूसरी तरफ उन्हें सोलन कंडाघाट या फिर शिमला पैसे खर्च कर जाना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि इन सब समस्याओं के साथ-साथ स्कूलों में टीचरों की कमी, रविवार के दिन पानी की सप्लाई न मिलाना, बार-बार इस रोड पर सरकारी बसों का खराब होना चिंता का विषय बन चुका है लेकिन आज तक इन समस्याओं के बारे में कोई भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
ग्रामीणों ने कहा कि यदि अभी इन समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आगामी दिनों में जन आंदोलन किया जाएगा और इसका खामियाजा चुनाव में स्वास्थ्य मंत्री और सरकार को भुगतना होगा।
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