यंगवार्ता न्यूज़ - पांवटा साहिब 16-03-2026
प्रदेश में जहां आज दिन प्रतिदिन पर्यावरण दूषित हो रहा है और जंगल कट रहे हैं। इसी के चलते जिला सिरमौर के पांवटा साहिब के नारी वाला के ग्रामीणों ने जंगल को बचाने का संकल्प लिया है। जानकारी के मुताबिक ग्रामीणों ने न केवल पेड़ों को रक्षा सूत्र बांधे , बल्कि शास्त्र उठाकर प्रण लिया कि पर्यावरण संरक्षण के लिए जंगलों की बलि नहीं देंगे। यही नहीं ग्रामीणों ने कहा कि प्रत्येक ग्रामीण पर्यावरण संरक्षण , जल , जंगल और जमीन को बचाने के लिए आगे आएगा। सोमवार को पांवटा साहिब के नारी वाला स्थित मंदिर में ग्रामीणों की एक बैठक हुई।
इस बैठक में समाजसेवी नाथूराम चौहान भी उपस्थित हुए। नाथूराम चौहान ने कहा कि गत दिनों नारी वाला के ग्रामीणों ने पेड़ों को रक्षा सूत्र बांधकर पेड़ों को बचाने की प्रतिज्ञा ली थी , लेकिन कुछ शरारती तत्वों ने वह रक्षा सूत्र तोड़ दिए। उन्होंने कहा कि अब ग्रामीणों ने प्रतिज्ञा ली है कि पर्यावरण संरक्षण और जंगलों के संरक्षण के लिए किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं करेंगे। ग्रामीणों ने का कहना है कि कुछ शरारती तत्वों द्वारा लोगों को भड़काने की नीयत से इन रक्षा सूत्रों को जानबूझकर नष्ट कर दिया था , लेकिन अब ग्रामीणों ने एकत्रित होकर फिर से पेड़ों को बचाने का संकल्प लिया है। नाथूराम चौहान ने कहा कि ग्रामीणों ने एकत्रित होकर पेड़ों को रक्षा सूत्र बांधे। ग्रामीणों ने इस दौरान शस्त्र पूजन भी किया। शस्त्र पूजन के दौरान ग्रामीणों ने मिलकर पर्यावरण संरक्षण की सौगंध ली।
साथ ही प्रण लिया की जल , जंगल और जमीन को बचाने के लिए हमेशा तत्पर रहेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि नारी वाला के साथ लगते जंगल से कुछ लोग सड़क निर्माण का कार्य करवाना चाह रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि इस क्षेत्र से पुनः एक नई सड़क का निर्माण किया जाता है तो सड़क निर्माण के लिए सैकड़ों पेड़ों की बलि देनी पड़ेगी। उन्होंने कहा की नारी वाला क्षेत्र में पहले से ही दो-तीन सड़क मार्ग है और अब ग्रामीणों को अन्य सड़क की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि सड़क बनाने के लिए कुछ वन माफिया सरकार और स्थानीय नेताओं पर दबाव बना रहे है कि नारी वाला क्षेत्र के लिए एक अन्य वैकल्पिक मार्ग निकाला जाए। ग्रामीणों ने कहा कि किसी भी सूरत में पेड़ों की बलि नहीं देने देंगे।
यदि सड़क बनती है तो सैकड़ों पेड़ काटने पड़ेंगे , जिससे न केवल पर्यावरण दूषित होता , बल्कि हरियाली भी चली जाएगी। ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की है कि पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए इस मामले पर उचित निर्णय लिया जाए। उन्होंने कहा कि पेड़ों को बचाने के लिए वैकल्पिक समाधान खोजा जाए। ग्रामीणों ने कहा कि यदि सड़क निकालनी है तो एक भी पेड़ सड़क की जद में नहीं आना चाहिए। इस अवसर पर समाजसेवी नाथूराम , मेरा गांव मेरा देश एक सहारा संस्था की अध्यक्षा पुष्पा खंडूजा , सर्वोदय स्कूल के संस्थापक जगदीश चौधरी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।