आगामी बजट में विशेष बच्चों के कल्याण के लिए नई योजना लाएगी सरकार : सीएम 

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज शिमला जिले के हीरानगर में 6.67 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित बौद्धिक रूप से दिव्यांग बच्चों के विशेष आवासीय विद्यालय का उद्घाटन किया

Dec 9, 2024 - 19:07
 0  56
आगामी बजट में विशेष बच्चों के कल्याण के लिए नई योजना लाएगी सरकार : सीएम 
Paras School The Rose Orchid World School Admission Doon Valley Deeserve Media
Paras School The Rose Orchid World School Admission Doon Valley Deeserve Media

यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला    09-12-2024

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज शिमला जिले के हीरानगर में 6.67 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित बौद्धिक रूप से दिव्यांग बच्चों के विशेष आवासीय विद्यालय का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रदेश का पहला ऐसा विशेष आवासीय स्कूल है जो 6-18 वर्ष की आयु के बौद्धिक रूप दिव्यांग बच्चों के लिए निर्मित किया गया है। 

उन्होंने कहा कि बौद्धिक रूप से दिव्यांग बच्चों को निःशुल्क गुणात्मक शैक्षणिक और व्यवसायिक शिक्षा सहित आवासीय सुविधाओं से युक्त यह प्रदेश का पहला संस्थान है। स्कूल ब्लॉक में आधुनिक सुविधाओं वाली 16 कक्षाओं सहित कम्प्यूटर लैब, संगीत कक्ष, एक बहुउद्देशीय हॉल, हॉस्टल ब्लॉक में 50 बच्चों के लिए छात्रावास के साथ-साथ चिकित्सा कक्ष तथा कर्मचारियों के लिए आवासीय सुविधा भी उपलब्ध करवाई गई है।

सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार के प्रयासों के कारण हिमाचल प्रदेश निराश्रित बच्चों की उचित देखभाल एवं शिक्षा के लिए कानून बनाने वाला देश का पहला राज्य बना है। प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना शुरू कर उन्हें ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ के रूप में अपनाया है। उन्होंने कहा कि इन बच्चों की पढ़ाई के खर्च के अतिरिक्त प्रदेश सरकार उन्हें जेब खर्च के लिए 4 हजार रुपए प्रतिमाह प्रदान कर रही है। 

मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के तहत गत दो वर्षों में प्रदेश में 38.50 करोड़ रुपए के लाभ प्रदान किए गए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘राज्य सरकार के पहले बजट में मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना आरंभ की गई। दूसरे बजट में प्रदेश में विधवाओं के 23 हजार बच्चों को शिक्षा का पूरा खर्च राज्य सरकार द्वारा करने का प्रावधान किया गया है। 

तीसरे में बजट में बौद्धिक रुप से दिव्यांग बच्चों के लिए विस्तृत योजना का प्रावधान किया जाएगा। इसके लिए इन बच्चों के अध्यापकों से भी चर्चा की जाएगी, ताकि उनकी जरूरतों का समावेश योजना में किया जा सके।’

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow