यंगवार्ता न्यूज़ - मंडी 25-04-2026
उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की समीक्षा बैठक के दौरान जल शक्ति विभाग को निर्देश दिए कि निजी जल भंडारण टैंकों की नियमित साफ-सफाई तथा उनमें गंदे पानी के रिसाव को रोकने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि गर्मियों के मौसम में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लोगों को टैंकों की सफाई, रिसाव की रोकथाम तथा जल की गुणवत्ता बनाए रखने के प्रति जागरूक करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विशेष रूप से उन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाए जहां गर्मियों में सूखे की स्थिति के कारण जल स्रोत प्रभावित होते हैं, ताकि वहां पर्याप्त मात्रा में गुणवत्तापूर्ण पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
उपायुक्त ने जल संचय को लेकर दीर्घकालिक योजनाएं तैयार करने पर बल देते हुए कहा कि वर्षा जल संचयन, जल स्रोतों के पुनर्जीवन तथा कैचमेंट क्षेत्र के संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। उन्होंने ग्रामीण विकास विभाग को मनरेगा के माध्यम से जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए तालाबों के निर्माण सहित प्रभावी योजनाएं तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल संचय जनभागीदारी अभियान के तहत वर्षा जल संचयन संरचनाओं जैसे चेक डैम, रिचार्ज पिट और अन्य जल संरचनाओं का निर्माण बढ़ाया जाए, ताकि भूजल स्तर में सुधार हो सके और भविष्य में जल संकट से बचाव किया जा सके। बैठक में जल जीवन मिशन, जल संचय जनभागीदारी तथा स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत चल रही योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, सामुदायिक स्वच्छता परिसरों की कार्यशीलता तथा ओडीएफ प्लस लक्ष्यों की प्रगति पर भी चर्चा की गई।
संबंधित अधिकारियों ने विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत अब तक की प्रगति तथा आगामी कार्ययोजना के बारे में उपायुक्त को अवगत करवाया। बैठक में जिला विकास अधिकारी ग्रामीण गोपी चंद पाठक, जिला पंचायत अधिकारी अंचित डोगरा, सहायक वन संरक्षक नवजोत मियां, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अरिंदम रॉय, जिला कृषि अधिकारी गोपाल चंद, सदस्य सचिव जिला जल एवं स्वच्छता मिशन एवं अधिशासी अभियंता जल शक्ति मंडल मंडी देवराज चौहान, अधिशासी अभियंता सुंदरनगर सत्या शर्मा , अधिशासी अभियंता धर्मपुर विवेक हाजरी, पधर राकेश ठाकुर और बग्गी मंडल कृष्ण शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि अन्य मंडलों के अधिशासी अभियंता वर्चुअल माध्यम से जुड़े।